शुक्रतीर्थ का संबंध प्राचीन समय में महाभारतकाल से जुड़ा हुआ है। इसके बारे में यह कथा प्रचलित है कि यहां परीक्षित के पुत्र सुखदेव जी ने तपस्या की थी।
मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार द्वारा तीर्थ नगरी शुक्रताल का नाम बदलकर शुक्रतीर्थ करने के बाद शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह शुक्रतीर्थ पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने गंगा घाट पर बने कारगिल शहीद स्मारक पर शहीद भगत सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही कारगिल शहीद स्मारक पर शहीदों को नमन भी किया। इसके अलावा उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब मैं 2002 में मुख्यमंत्री था तब यहां हुए यज्ञ में मैं पूर्ण आहुति देने आया था।
साथ ही उन्होंने कहा कि आज के दिन ही हमारे जवानों ने पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार की सभी योजनाओं का जमकर बखान करते हुए कहा कि पिछले चार सालों में देश ने हर क्षेत्र में तरक्की की है। इस दौरान कार्यक्रम में स्वामी ओमानंद सरस्वती, पूर्व केंद्रीय मंत्री व मुजफ्फरनगर के सांसद संजीव बालियान, बिजनौर सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह, बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक, मीरापुर विधायक अवतार सिंह भड़ाना भी मंच पर मौजूद रहे।
आपको बता दे कि मुजफ्फरनगर जिले में स्थित शुक्रतीर्थ पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख तीर्थस्थल है। इसे पहले शुक्रताल के नाम से जाना जाता था। स्थानीय लोगों द्वारा कई वर्षों से शुक्रताल का नाम बदलकर शुक्रतीर्थ करने की मांग की जा रही थी। जिसे पूरा करते हुए प्रदेश की योगी सरकार ने दो सप्ताह पहले इसका नाम बदलकर शुक्रतीर्थ कर दिया। शुक्रतीर्थ का संबंध प्राचीन समय में महाभारतकाल से जुड़ा हुआ है। इसके बारे में यह कथा प्रचलित है कि यहां परीक्षित के पुत्र सुखदेव जी ने तपस्या की थी। साथ ही इसी स्थान पर उनको तक्षक नाग ने डसा था।