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गृहमंत्री बोले 2013 के मुकाबले अपराध घटे, गलती हुई हो तो माफ करना

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सवाल-जवाब : सीकर दौरे पर आए गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा...कोई भी सूदखोर, सरकार व बैंक दोगुने से ज्यादा वसूल नहीं कर सकते

जयपुर। गृहमन्त्री गुलाबचंद कटारिया ने गुरुवार को यहां पुलिस मुख्यालय में मौजूदा कार्यकाल की आखिरी समीक्षा बैठक ली। दावा किया कि राज्य में 2013 के मुकाबले अपराध 13.4 प्रतिशत घटे हैं। पुलिस अधिकारियों से उन्होंने माफी भी मांगी। क्षमावाणी पर्व का आखिरी दिन होने के कारण गृहमन्त्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा, किसी को कुछ कह दिया हो या ठेस पहुंची हो तो माफी मांगता हूं। अधिकारियों को निर्देश दिए कि निचले स्तर पर कार्यकर्ताओं व मीडिया के साथ ठीक से व्यवहार करें, मीडिया से बचने की बजाय सवालों के जवाब दें। बैठक में डीजीपी ओपी गल्होत्रा भी मौजूद थे।

गिनाईं ये उपलब्धियां
2013 की तुलना में कुल अपराध 13.4 प्रतिशत घटे हैं। महिला अपराध 20.4, अजा वर्ग से जुड़े अपराध 42 प्रतिशत घटे। सड़क हादसों में भी कमी आई।
3 नई बटालियन स्थापित की गईं।
5000 ऐसे बच्चों को मुक्त कराया, जो गुमशुदा और भिक्षावृत्ति में लिप्त थे।
125 दिन में 13 हजार से अधिक पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की।
80 हजार पुलिसकर्मियों को सीसीटीएनएस का प्रशिक्षण दिया।
20 हजार पदोन्नतियां दी गईं कांस्टेबल से एडिशनल एसपी स्तर तक।
8 करोड़ दिए एसडीआरएफ को आमजन की सुरक्षा से जुड़े आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए।
पुलिस जवाबदेही समितियां बनाईं।
एसपी से थाना स्तर तक जनसुनवाई की व्यवस्था लागू की।

ये कमियां कीं स्वीकार
संभाग स्तर पर अभय कमांड सेंटर बनाए मगर इन्हें हर जिले से नहीं जोड़ पाए। कई जिले इन सेंटरों से जुडऩे बाकी हैं।
आमजन को थाने नहीं जाना पड़े इसके लिए ऑनलाइन एफआइआर दर्ज होने में अभी काफी समय लगेगा।
पुलिस के प्रशिक्षण सेंटरों पर अच्छे ट्रेनरों का अभाव है।
मॉब लिंचिंग 100 प्रतिशत नहीं रोक सके।

ऑनलाइन एफआइआर में यह पेच
अभी जो व्यक्ति एफआइआर दर्ज कराता है, वही ऑनलाइन एफआइआर देख सकता है। जबकि व्यवस्था एेसी होनी चाहिए कि कोई भी व्यक्ति किसी की भी एफआइआर देख सके। लेकिन खुद पुलिस ही नहीं चाहती कि ऑनलाइन एफआइआर दर्ज हो क्योंकि इससे एफआइआर का अंबार लग जाएगा।

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