
मुजफ्फरनगर. सीबीएसई (CBSE) ने गुरुवार को सरप्राइज के साथ 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस बार 12वीं की टॉप लिस्ट में वेस्ट यूपी का दबदबा रहा है। मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद की दो बेटियों करिश्मा अरोड़ा और हंसिका शुक्ला ने 500 में से 499 यानी 99.80 प्रतिशत अंक हासिल कर वेस्ट यूपी का नाम पूरे देश में रोशन किया है। गुरुवार दोपहर में जैसे ही रिजल्ट घोषित हुए तो मुजफ्फरनगर स्थित करिश्मा अरोड़ा के स्कूल में जश्न का माहौल नजर आया। एसडी पब्लिक स्कूल पहुंची करिश्मा अरोड़ा ने सभी को मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया। इस दौरान करिश्मा ने कहा कि उसे बिलकुल भी भरोसा नहीं था कि इतना अच्छा रिजल्ट आएगा, लेकिन यह विश्वास जरूर था कि वह अच्छा करेगी। करिश्मा ने बताया कि वह पढ़ाई के साथ-साथ क्लासिकल डांस भी करती है। इसलिए आगे चलकर साइकोलॉजी में डांस थैरेपी करेगी। साथ ही सोशल वर्क भी करेगी।
करिश्मा ने रिजल्ट पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इस सफलता का पूरा श्रेय वह अपने माता-पिता को देना चाहती है। करिश्मा ने बताया कि मेरे पिता बिजनेसमैन है और मां गृहणी हैं, जिन्होंने हमेशा मुझे पढऩे के लिए प्रेरित किया है। इसलिए मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहती हूं। करिश्मा ने बताया कि वह क्लासिकल डांस में भी खास रुचि रखती है। इसलिए डांस और पढ़ाई को लेकर चलना आसान नहीं था, लेकिन माता-पिता की प्रेरणा के चलते वह इसमें कामयाब हुई है। आगे चलकर वह साइकोलॉजी के साथ डांस थैरेपी में ही करिअर बनाना चाहती है। वहीं करिश्मा ने अपने जूनियर्स को संदेश देते हुए कहा कि परीक्षा के अंत समय में पढ़ाई बिलकुल भी न करें। पूरे साल स्कूल में मेहनत करेंगे तो रिजल्ट भी अच्छा आएगा। यहां बता दें कि करिश्मा ने 10वीं तक की शिक्षा होली एंजेल्स और उसके बाद 11वीं व 12वीं की शिक्षा एसडी पब्लिक स्कूल मुजफ्फरनगर से की है।
करिश्मा के टॉप करने पर उसके पिता का कहना है कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा है। हालांकि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि करिश्मा मेरा और पूरे मुजफ्फरनगर का नाम रोशन करेगी। उन्होंने बताया कि करिश्मा पढ़ाई में शुरू से ही अव्वल रही है। इसके साथ ही वह क्लासिक डांस में कथक में भी निपुण है। वह दिल्ली समेत कई शहरों में अपनी परफॉर्मेंस दे चुकी है। उन्होंने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मेरी दो बेटियां मेरे लिए सबकुछ हैं, जिन्होंने मुझे फेम के साथ नेम भी दिया है। उन्होंने बताया कि हमें बेटियों पर पढऩे के लिए कभी कुछ कहने की जरूरत नहीं पड़ी। करिश्मा के टॉप करने से अब मुजफ्फरनगर के अन्य बच्चों को भी अच्छा करने की प्रेरणा मिलेगी।