
मुजफ्फरनगर. कोरोना से लड़ने को देशभर में आज यानी रविवार को जनता कर्फ्यू लगा हुआ है। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में अचानक हड़कंप मच गया। जब एक साथ 9 कोरोना पीड़ितों की खबर आई। यह सुनते ही जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट मोड पर आ गई। इसके बाद सभी मरीजों को 108 एंबुलेंस की मदद से अस्पताल लाया गया। जहां एसपी सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट के समझाने पर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया। बता दें ये नजारा रविवार को जिला अस्पताल में देखने को मिला। दरअसल, यहां कोरोना वायरस को लेकर एक मॉक ड्रिल की जा रही थी।
दरअसल, मुजफ्फरनगर में कोरोना वायरस से लड़ने और कोरोना के मरीजों को समय से चिकित्सालय में भर्ती कर उनका इलाज करने को लेकर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। इसको लेकर रविवार को जिला चिकित्सालय में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें 108 एंबुलेंस के द्वारा कोरोना के संदिग्धों के ग्रुप को चिकित्सालय में लाया जाता है। जहां एसपी सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट उनको समझाने के बाद उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया जाता है।
जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पंकज अग्रवाल ने बताया कि शासन के आदेश पर जिला चिकित्सालय में मॉक ड्रिल किया गया है। हालांकि मुजफ्फरनगर में अभी कोई कोरोना का मरीज नहीं है। इसके लिए भी हमें हर संभव प्रयास करना है कि किसी व्यक्ति को यहां कोरोना न हो। उन्होंने बताया कि इस मॉक ड्रिल में एक पैकेट आता है। वह भर्ती होने से मना करता तो उसे समझाया जाता है और उसके बाद भर्ती किया जाता है। उन्होंनें बताया कि मुजफ्फरनगर में अभी तक 9 लोगों के टेस्ट किए गए हैं, जिसमें 5 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है और 4 की भी एक-दो दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन व जिला चिकित्सालय पूरी तरह से अलर्ट है और संदिग्ध मरीजों के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है।