भाजपा सांसद ने दंगों के दौरान दर्ज भाजपा नेताओं पर दर्ज हुए मुकदमों को सरकार द्वारा वापस लेने के फैसले पर बड़ा बयान दिया है।
मुजफ्फरनगर। कैराना उपचुनाव में मुजफ्फरनगर दंगो के मुद्दे को एक बार फिर से भुनाने के मुड़ में नजर आ रही है। यही कारण है कि भाजपा सांसद ने दंगों के दौरान दर्ज भाजपा नेताओं पर दर्ज हुए मुकदमों को सरकार द्वारा वापस लेने के फैसले पर बड़ा बयान दिया है।
दरअसल, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व भाजपा सांसद डॉ संजीव बालियान ने एक बार फिर सपा नेता आजम खान पर निशाना साधा है। बालियान ने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगा कराने वाले आजम खान ही थे, जिन्होंने मुजफ्फरनगर और शामली को बर्बाद करने का काम किया। ये दुर्भाग्य की बात है कि गठबंधन ने दंगा कराने वाले आजम खान को स्टार प्रचारक बनाया है। जबकि भाजपा ने दंगो में जेल गए लोगों को वापस लाने का काम किया है।
बालियान ने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगो में भाजपा नेताओं पर भड़काऊ भाषण देने के मामले में सरकार द्वारा मुकदमे वापस करने के पक्ष में वो बिलकुल नहीं है। प्रदेश सरकार सिर्फ आम लोगों के मुकदमे ही वापस ले, जिसको लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष भी अपनी बात कही है। मैं अपने मुकदमो के लिए न्यायलय में जाने के लिए सक्षम हूं।
वहीं उन्होंने इस दौरान भाजपा सरकार के द्वारा मुजफ्फरनगर दंगों में दर्ज हुए फर्जी मुकदमे वापसी के सवाल का विरोध करने वाले सपा विधायक नाहिद हसन से उन्होंने सवाल पूछा कि क्या उस समय दर्ज हुए फर्जी मुकदमे और फर्जी नामजदगी वापस होनी चाहिए या नहीं। इसका जवाब गठबंधन के प्रत्याशी के पुत्र को अवश्य देना चाहिए।
इस दौरान बुढाना से भाजपा के विधायक उमेश मलिक ने भी दंगों के दौरान बांटी गई मुआवजे की राशि पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक अरब रुपये फर्जी तरीके से लोगों में बांटा गया। अगर इसकी सही तरीके से जांच हो जाए तो उस मुआवजा राशि का चौथा पांचवा हिस्सा ही बटना चाहिए था। वही इन दंगों में दूसरे समाज के साथ भेदभाव किया गया और अब भी सैकड़ों ऐसे परिवार हैं जिनको मुआवजा नहीं मिला क्योंकि वह वर्ग विशेष से ताल्लुक नहीं रखते थे।