
Habibpur Sikri Incident: मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र के हबीबपुर सीकरी गांव में रविवार रात बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। एक मकान की छत और दीवार गिरने से एक ही परिवार के पांच लोगों की जान चली गई। हादसे के समय परिवार के सदस्य घर के अंदर मौजूद थे। जबकि मां अपने दो बच्चों के साथ पड़ोस में गई थी। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य का जायजा लिया। पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना थाना क्षेत्र के हबीबपुर सीकरी गांव में रविवार कि वह काली रात जिसने महज 30 सेकंड में 5 लाशें बिछा दी। दरअसल तेज बारिश के दौरान इस्लाम का मकान अचानक भरभराकर गिर गया। जिससे घर के अंदर मौजूद परिवार के सदस्य मलबे में दब गए। ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय तेज आवाज सुनाई दी। जिसके बाद आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि इस्लाम का घर गिर चुका है। इसके बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।
बताया जा रहा है कि मकान का एक हिस्सा कच्चा था। जबकि पीछे की तरफ पक्की दीवार बनी हुई थी। लगातार हो रही बारिश के कारण पहले दीवार ढही और उसके बाद छत भी गिर गई। इस हादसे में परिवार के कई सदस्य मलबे के नीचे दब गए। ग्रामीणों ने करीब आधे घंटे तक लगातार मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
घटना में परिवार के मुखिया इस्लाम समेत रुखसार, आहद, अलसीबा और जीशान की मौत हो गई। वहीं, रुकैया और सुमैया गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे के समय इस्लाम की पत्नी जैबून घर से बाहर मोहल्ले में गई हुई थीं। उनके साथ बेटी शहजादी और बेटा शुभान भी थे। इसी वजह से ये तीनों इस दुर्घटना की चपेट में आने से बच गए। परिवार में कुल 10 सदस्य बताए जा रहे हैं। इनमें पांच की मौत हो चुकी है। दो घायल हैं। तीन सदस्य सुरक्षित हैं।
कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल भी देर रात अस्पताल पहुंचे। घायल बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गांव के प्रधान ने बताया कि इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीण पीड़ित परिवार की मदद में जुटे हुए हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।