Muzaffarnagar Monkey News : मुजफ्फरनगर के चरथावल में एक मादा बंदर 3 महीने की नवजात बच्ची को अपना बच्चा समझकर 2 घंटे तक गोद में लिए बैठी रही। मां और परिजनों के पास आने पर बंदर आक्रामक हो गया, जिसे बाद में एनिमल रेस्क्यूअर ने सूझबूझ से बचाया।
Muzaffarnagar Monkey News : यूपी के मुजफ्फरनगर में एक बंदर घर में घुस आया। बंदर घर में घुसते ही कमरे में चला गया। वहां 3 महीने की नवजात बच्ची लेटी थी। बंदर उसके पास जाकर बैठ गया और उसका दुलार करने लगा। बंदर कभी बच्ची के सिर पर हाथ फेरता तो कभी उसके गालों को टच करता। सभी परिवार वाले अपने-अपने काम में व्यस्त थे। अचानक बच्ची की मां कमरे में पहुंची तो उसके होश उड़ गए।
वह कमरे से ही चीखने-चिल्लाने लगी और अपनी बच्ची को बंदर के पास से छुड़ाने के लिए दौड़ी। जैसे ही बच्ची की मां बंदर की तरफ दौड़ी। बंदर उसे काटने के लिए दौड़ा। चीखने-चिल्लाने की आवाज से बंदर आक्रामक हो गया और वह काटने के लिए दौड़ने लगा। इस दौरान बंदर किसी को भी बच्ची के आसपास आने नहीं दे रहा था।
घर वालों ने बंदर को डराने, बहलाने और फुसलाने के सारे काम किए, लेकिन बंदर बच्ची के पास से टस से मस नहीं हुआ। खाने की चीजें देने के बावजूद भी बंदर बच्ची के पास ही बैठा रहा। बच्ची लगातार रोए जा रही थी, जिससे परिवार के लोग और डर गए। हलांकि, इस दौरान बंदर ने बच्ची को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। वह बच्ची को पकड़े बैठा रहा और उसे दुलारता रहा।
थक हारकर परिजनों ने एनिमल रेस्कुअर को बुलाया। एनिमल रेस्कुअर बंदर को कई तरह के वीडियो दिखाकर उसका ध्यान भटकाने लगा। रेस्कुअर ने बंदर को वाइल्डलाइफ से जुड़ी वीडियो दिखाई तो बंदर उसकी तरफ बढ़ा, इतने में रेस्कुअर ने बच्ची को अपनी तरफ खींच लिया और मां को दे दिया।
मामला मुजफ्फरनगर के चरथावल कस्बे का है। यहां के रहने वाले तहसीन ने बताया कि वह मजदूरी करने के लिए सुबह ही घर से निकल गया था। घर में पत्नी गुलिस्ता अकेली थी। वह बच्ची को दूध पिलाने के बाद घर के सारे काम निपटाने लगी। बच्ची कमरे में ही लेटी थी लेकिन, गुलिस्ता कमरे के बाहर थी। इतने में ही बंदर कहीं से आया और चुपचाप कमरे में घुस गया। बंदर कमरे में लेटी बच्ची के पास जाकर बैठ गया और उसे दुलारने लगा।
गुलिस्ता कमरे में पहुंची तो बच्ची के पास बंदर को बैठा देख चिल्लाने लगी। चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी भी आ गए। चीखने चिल्लाने की आवाजें सुनकर बंदर आक्रामक हो गया और वह किसी को भी आसपास भटकने नहीं दे रहा था।
एनिमल रेस्कुअर सन्नी चोपड़ा ने बताया कि वह एक मादा बंदर थी। उसके बच्चे की 6 दिन पहले मौत हो गई थी। वह नवजात बच्ची को अपना बच्चा समझ बैठी। जब उसे लगा कि लोग बच्चे को उससे छिनना चाह रहे हैं तो वह आक्रामक हो गई।