
SP MP Harendra Malik: कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर की ओर से समाजवादी पार्टी को लेकर दिए जा रहे बयानों पर सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने पलटवार किया है। मलिक ने राजभर के सपा विरोधी रुख पर तंज कसते हुए कहा कि उनके बयान समाजवादी पार्टी के लिए किसी नुकसान के बजाय शुभ संकेत हैं। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए राजभर के पुराने बयानों और मौजूदा राजनीतिक रुख पर सवाल उठाए।
हरेंद्र मलिक ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले ओम प्रकाश राजभर भाजपा के खिलाफ बयान देते थे। इसके बाद प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी। अब राजभर समाजवादी पार्टी के खिलाफ बोल रहे हैं। मलिक ने इसी को आधार बनाते हुए कहा कि उनके मौजूदा बयान भी आने वाले चुनाव में सपा के लिए फायदे का संकेत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि राजभर को शायद अपने पुराने बयानों का भी ठीक से ध्यान नहीं है। चुनाव के दौरान उन्होंने अलग-अलग नेताओं को लेकर क्या कहा था, यह भी उन्हें याद नहीं होगा।
सपा सांसद ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों की राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा जो राजनीतिक स्क्रिप्ट तैयार करती है, सहयोगी दलों के नेता उसी भाषा में बयान देते हैं। भाजपा के साथ गठबंधन में रहने वाले दलों के नेताओं को पार्टी नेतृत्व की राजनीतिक लाइन के मुताबिक ही बोलना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि सपा राजभर के बयानों को गंभीरता से नहीं लेती और जनता भी उन्हें ज्यादा महत्व नहीं देती।
हरेंद्र मलिक ने ओम प्रकाश राजभर को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें समाजवादी पार्टी की चिंता करने के बजाय अपनी पार्टी पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने भाजपा और उसके सहयोगियों पर सांप्रदायिक मुद्दों के जरिए माहौल खराब करने का आरोप लगाया। मलिक ने कहा कि समाज में यदि तनाव बढ़ता है तो उसका असर किसी एक समुदाय या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं रहता। इसका नुकसान पूरे समाज को उठाना पड़ता है। इसलिए नेताओं को लोगों के बीच भाईचारा कायम रखने की कोशिश करनी चाहिए।
मुजफ्फरनगर में दंगों से जुड़े पोस्टर लगाए जाने के मामले पर भी सपा सांसद ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए। मलिक के मुताबिक, पोस्टर लगाने वालों तक पहुंचने के लिए वाहनों के नंबर और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि जांच में जो लोग दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
हरेंद्र मलिक ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर अपेक्षित काम नहीं कर पा रही है। सस्ती दवाओं, शिक्षा और किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि किसानों की कई मांगें अब भी पूरी नहीं हुई हैं और आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को भी पर्याप्त मदद नहीं मिली। मलिक का आरोप है कि जनता का ध्यान इन सवालों से हटाने के लिए सांप्रदायिक मुद्दों को हवा दी जा रही है।
सपा सांसद ने लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए समाज को बांटने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। देश और प्रदेश में शांति और भाईचारा कायम रहेगा, तभी आम लोगों का भविष्य सुरक्षित रह सकता है।
2002 के दंगों से जुड़े पोस्टरों को लेकर मलिक ने कहा कि इतने लंबे समय तक इन घटनाओं की चर्चा नहीं हुई, लेकिन अब अचानक पुराने मामलों को फिर से सामने लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उस समय किसी परिवार का नाम दंगों से जोड़ा गया था तो उसकी मौजूदा स्थिति को भी देखा जाना चाहिए। मलिक ने कहा कि पुराने विवादों को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।