मुजफ्फरनगर

इस तीर्थ नगरी के गंगाजल में आया जहरीला पानी, हजारों मछलियों की मौत के बाद मचा हाहाकार

पिछले साढ़े 4 सालों से केंद्र सरकार गंगा सफाई के नाम पर अरबों रुपया पानी की तरह बहा चुकी है। लेकिन रिजल्ट शून्य है।

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fish death in ganga water
इस तीर्थ नगरी में गंगा में आया जहरीला पानी, हजारों मछलियों की मौत के बाद मचा हाहाकार

मुजफ्फरनगर। तीर्थ नगरी शुक्रतीर्थ में गंगा नदी में जहरीला पानी आने से हजारों मछलियां मौत के मुंह में समा गईं। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है। इसी जहरीले पानी में गंगा घाट पर लोगों को स्नान करना पड़ता है। नगर प्रशासन कुंभकरण की नींद सोया हुआ है। इससे पहले भी कई बार गंगा में जहरीला पानी आने से मछलियां वह पशुओं की मौत हो चुकी है, लेकिन गंगा में जहरीला जिला पानी रोकने के अभी तक कोई उपाय नहीं किए गए हैं। नमामि गंगे योजना के तहत करोड़ों पर पानी में बह जाने के बाद भी दूर-दराज से तीर्थ नगरी शुक्रताल में आने वाले श्रद्धालुओं को जहरीले पानी में स्नान करना पड़ता है।

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दरअसल मामला थाना भोपा क्षेत्र के गांव शुक्रतीर्थ का है। ऐतिहासिक तीर्थ स्थली के नाम से विख्यात शुक्रतीर्थ में गंगा में अचानक जहरीला पानी आ जाने के कारण हजारों मछलियों सहित पानी में रहने वाले अन्य जीव जंतु मौत के मुंह में समा गए। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के लोगों में रोष व्याप्त हो गया।

जानकारी के मुताबिक बहने वाली सोनाली नदी जो की गंगा की धारा है। उसमें अक्सर उत्तराखंड की दर्जनों फैक्ट्रियां समय-समय पर जहरीला पानी छोड़ देती हैं। जिस कारण मछलियों सहित पानी में रहने वाले जीव मौत के मुंह में समा जाते हैं। इससे पहले भी कई बार फैक्ट्रियों का जहरीला पानी गंगा नदी में आने से लाखों मछलियों की मौत तो हो ही चुकी है। इसके अलावा भी दूरदराज से तीर्थ नगरी शुक्रतीर्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को भी गंगा घाट पर इसी जहरीले पानी में स्नान करना पड़ता है।

गौरतलब है कि पिछले साढ़े 4 सालों से केंद्र सरकार गंगा सफाई के नाम पर अरबों रुपया पानी की तरह बहा चुकी है। लेकिन रिजल्ट शून्य है। मुजफ्फरनगर के क्षेत्रीय सांसद व पूर्व केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री संजीव बालियान वर्तमान जल संसाधन नदी संरक्षण मंत्री सत्यपाल सिंह भी गंगा सफाई को लेकर कई बड़े कार्यक्रम कर चुके हैं। मगर नतीजा सामने है कि जिस तरह गंगा का पानी जहरीला होने की वजह से पानी में रहने वाले जीव दम तोड़ रहे हैं। इस मामले में नमामि गंगे के संयोजक डॉक्टर वीरपाल निरवाल से बात की गई तो उनका कहना है कि आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी इसके लिए जल्द ही शासन-प्रशासन व सरकार को लिखेंगे।

Updated on:
03 Oct 2018 04:41 pm
Published on:
03 Oct 2018 04:36 pm
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