मुजफ्फरनगर

दाेहरे हत्याकांड का सनसीखेज खुलासा: जिस पर था शक, जमीन के नीचे से निकली उसी की लाश

मुजफ्फरनगर के शांतिनगर में फाइनेंसर अनुज की हत्या उसके पार्टनर ने नही की थी। छह लाेगाें ने मिलकर अऩुज वह इसके पार्टनर की हत्या की थी। हत्याराेपियाें ने अन्नू के शव काे यह साेचकर जमीन में गाड़ दिया था कि शव नहीं मिलेगा हत्या का शक उसकी ओर चला जाएगा।

3 min read
murder

मुजफ्फरनगर (muzaffarnagar news) 30 जून को थाना नई मंडी क्षेत्र के शांतिनगर में फाइनेंसर और उसके साथी की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ( muzaffarnagar police) ने तीन हत्याराेपियाें काे गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार हत्यारोपियो की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक के साथी के शव और उसकी आल्टो कार व एक बाइक काे भी बरामद कर लिया है। अभी चार हत्याराेपी फरार हैं जिनकी तलाश की जा रही है।

थाना नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शांति नगर में 30 जून 2020 को अनुज चौधरी उर्फ अन्नू के मकान में एक युवक का शव पड़ा मिला था। मृतक की पहचान अमित चौधरी निवासी सिंभालका जिला शामली के रूप में हुई थी। अमित फाइनेंस का काम करता था। मकान मालिक अनुज उर्फ अन्नू इसका पार्टनर था। अनुज भी घटना के बाद से ही लापता था। वारदात के बाद से अन्नु का काेई सुराग नहीं मिल रहा था।

पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए सागर पुत्र चंद्रबोस निवासी ग्राम बढेड़ी थाना छपार व मोहित उर्फ मामा पुत्र जयपाल सिंह निवासी गली नंबर 8 बचन सिंह कॉलोनी थाना नई मंडी और गौरव पंडित पुत्र नरेश गौतम निवासी अंकित विहार थाना नई मंडी को गिरफ्तार किया है। इन्हाेंने बताया कि अऩुज की हत्या कर दी गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने इनकी निशानदेही पर अनुज उर्फ अन्नू का शव थाना छपार क्षेत्र के गांव बढ़ेडी के जंगलों से बरामद किया है।

पकड़े गए तीनों आरोपियों के कब्जे से अनुज के शव को ठिकाने लगाने में इस्तेमाल की गई एक कार व मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि जनपद शामली निवासी अमित और अनुज उर्फ अन्नू आपस में दोस्त थे। दाेनाे फाइनेंस का काम करते थे। थाना नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शांति नगर में अनुज उर्फ अन्नू का मकान था जिसे उसने अभी बनवाया था। पूछताछ में पता चला कि अनुज ने अपने चचेरे भाई नरेंद्र पुत्र ज्ञानेंद्र मूल निवासी गांव सीगली थाना अगौता जिला बुलंदशहर का मकान बनाने के लिए पैसे दिए थे जिसको लेकर दोनों में विवाद था।

इसी के चलते नरेंद्र ने अपने अन्य छह साथियों के साथ मिलकर अनुज को ठिकाने लगाने की योजना बनाई और योजना के तहत अनुज के मकान में घुसकर अनुज व उसके साथी अमित की हत्या कर दी। अमित के शव को बाथरूम में छुपा दिया और अनुज के शव को उसकी ही गाड़ी में डालकर थाना छपार क्षेत्र के गांव बढेड़ी के जंगलों में जमीन में गाड़ दिया।

हत्या का सारा कुचक्र नरेंद्र ने अनुज की प्रॉपर्टी हथियाने के लिए रचा था। आरोपियों ने अमित व अनुज की हत्या को बड़े फिल्मी अंदाज में अजाम दिया। इनकी प्लान थी कि अनुज का शव कभी नहीं मिलेगा और हत्या का शक अनुज पर ही रहेगा। पुलिस ने जांच करते हुए दूध का दूध और पानी का पानी अलग कर दिया और तीन हत्यारों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। फरार चार आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इस पूरे मामले में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि मृतक अमित व अनुज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी क्लियर नहीं हुई है क्योंकि पोस्टमार्टम में हत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है।

एसएसपी अभिषेक यादव के अनुसार उनका बिसरा जांच के लिए भेजा गया है
और जल्द ही फोरेंसिक रिपोर्ट आने पर ही हत्या का कारण स्पष्ट हो सकेगा। बाकी चार फरार आरोपियों की तलाश में टीम गठित कर दी है और उन पर इनाम घोषित करने की भी प्रक्रिया जारी है।

Updated on:
06 Jul 2020 05:14 pm
Published on:
06 Jul 2020 05:11 pm
Also Read
View All