डीजल के दस आैर पेट्रोल के 15 साल पुराने वाहनों पर गिरेगी गाज
मेरठ। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा दस साल पुराने डीजल और पन्द्रह साल पुराने पेट्रोल के वाहनों पर प्रतिबंध लगाने के आदेश के बाद अब मुजफ्फरनगर परिवहन विभाग भी हरकत में आ गया है। इसके चलते एआरटीओ ने पुराने वाहनों पर बड़ी कार्रवार्इ करते हुए कार्यालय में पंजीकृत लगभग 65 हजार वाहनों के राजिस्ट्रेशन सस्पेंड करने की कार्रवार्इ शुरू कर दी है।
एनआेसी के लिए छह महीने का दिया समय
इन वाहन स्वामियों को नोटिस भी दिया गया है, जिससे ये वाहन स्वामी छह महीने के अंदर एआरटीओ विभाग से एनओसी लेकर अपने वाहनों को बाहर ले जाकर बेच सकते हैं। छह महीने के बाद जिन वाहन स्वामियों ने आरटीओ कार्यालय से अपने वाहनों की एनओसी नहीं ली तो समय सीमा के बाद इन वाहन स्वामियों को एनओसी नहीं दी जाएगी और ये वाहन पूरी तरह से सड़कों पर न चलने लायक माने जाएंगे। एआरटीओ विभाग की इस कार्रवार्इ के बाद पुराने वाहन स्वामियों में खलबली मच गई है। फिलहाल एआरटीओ विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आदेश का पालन करते हुए ये कार्रवार्इ निरंतर चलती रहेगी।
छह महीने के लिए सस्पेंशन किया
एआरटीओ परिवर्तन ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने अभी आदेश कंटीन्यू किया है। एनजीटी ने कहा था कि दस वर्ष से पुराने जो डीजल वाहन हैं और 15 वर्ष से पुराने पेट्रोल वाहन हैं एनसीआर में नहीं चलेंगे। हमारे यहां लगभग 65 हज़ार ऐसे केस हैं तो हम 6 माह के लिए उनका संस्पेशन कर रहे हैं और इस बीच उनको ये समय दिया जायेगा कि वे एनओसी लेकर के एनसीआर से बाहर चले जाएं। लोगो से अपील है कि वे अपने वाहनों की समय से एनओसी कटवा लें।