Highlights: -Special Train लगभग 1045 प्रवासी मजदूरों को लेकर मुज़फ्फरनगर पहुंची -जिला प्रशासन ट्रेन के इंतजार में शुक्रवार दिन से ही तैयारियों में लगा हुआ था -स्टेशन पर जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौजूद थी
मुजफ्फरनगर। जनपद के रेलवे स्टेशन (Railway Station) का नजारा शनिवार को देखने मे किसी त्योहार से कम नहीं लग रहा था। कारण, यहां लॉकडाउन (Lockdown) लागू होने के बाद महाराष्ट्र से एक स्पेशल ट्रेन (Special Train) लगभग 1045 प्रवासी मजदूरों (Pravashi Majdoor) को लेकर मुज़फ्फरनगर पहुंची। जिला प्रशासन की ट्रेन के इंतजार में शुक्रवार दिन से तैयारियों में लगा हुआ था। स्टेशन पर जिला प्रशासन और पुलिस अध्यक्ष अधिकारियों के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौजूद थी।
जैसे ही मजदूर ट्रेन से उतरते गए और सोशल डिस्टेंसिंग का इस्तेमाल करते हुए एक एक मजदूर की थर्मल स्कैनिंग भी होती रही। जिसके बाद मजदूरों को बस में बैठा कर उन्हीं के गृह जनपदों में भेजा जा रहा है। जहां उनकी थर्मल स्कैनिंग के बाद उन्हें क्वॉरेंटाइन किया जाएगा। फिर मेडिकल परीक्षण के साथ उनके सैंपल लिए जाएंगे। इनमें जनपद के एक ही परिवार के 9 लोग शामिल हैं। जो बुढाना क्षेत्र के गांव हुसैनपुर के रहने वाले हैं।
गौरतलब है कि कोविड-19 के प्रकोप के बीच फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने का ट्रेन द्वारा कार्य लगातार जारी है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के 47 जनपदों के 1045 यात्रियों को लेकर एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन जनपद मुजफ्फरनगर में पहुंची। यह श्रमिक स्पेशल ट्रेन महाराष्ट्र के दौंड स्टेशन से चलकर जनपद मुजफ्फरनगर पहुंची। यह खाली ट्रेन दिल्ली के लिए प्रस्थान कर जाएगी। वहीं दूसरी ओर रेलवे सूत्रों ने बताया कि इस ट्रेन में 1101 यात्रियों के आने की सूचना थी। मगर 1045 श्रमिकों की सूची यहां पहुंची है।
इस ट्रेन में मुज़फ्फरनगर के 9 लोगो के अलावा अन्य 46 जिलों में रायबरेली के 6, रामपुर के 12, संत कबीर नगर के 21, श्रावस्ती जनपद के चार, सिद्धार्थनगर के 52, सीतापुर के 15, सोनभद्र के 13, सुल्तानपुर के 3, उन्नाव के 21, वाराणसी के चार, बिजनौर के 48, आगरा के 20, अयोध्या के 6, आजमगढ़ के 29, बागपत के दो, बहराइच के 60, बलिया के 17, बलरामपुर के 10, बाराबंकी के दो, बरेली के चार, बस्ती के 32, भदोही के 86, चंदौली के 3, चित्रकूट के 11, देवरिया के 50, इटावा का एक, फिरोजाबाद के 5, फतेहपुर के 40, गाजियाबाद के 5, गाजीपुर के 14, गोंडा के 35, गोरखपुर के 72, हरदोई के 47, जौनपुर के 12, झांसी के 11, कानपुर के 10, कौशांबी के 6, कुशीनगर के 66, लखनऊ के 24, महाराजगंज के 19, मैनपुरी के दो, मऊ के 7, मिर्जापुर के 13, प्रतापगढ़ के 6 व प्रयागराज के 156 शामिल है। 24 बोगियों की यह ट्रेन 2117 किलोमीटर की दूरी तय कर 12 घंटे की देरी से मुजफ्फरनगर पहुंची।