
शामली। उत्तर प्रदेश सरकार ने चुनाव आयोग की सहमति के बाद जनपद शामली के कैराना समेत चार जिलों में डिप्टी कलेक्टर को तैनात किया है। जबकि नूरपुर व कैराना में 28 मई को उपचुनाव होने हैं। जिसके चलते यहां आचार सहिंता लागू है। लेकिन सरकार ने चुनाव आयोग की सहमित लेकर अधिकारियों के तबादले कर दिए।
दरअसल, पूर्व में कैराना में तैनात डिप्टी कलेक्टर दुष्यंत मोर्य लंबी छुट्टी पर गए हैं। इसलिए उनके स्थान पर मेरठ के डिप्टी कलेक्टर को कैराना की कमान सौंपी गई है। आपको बता दें कि कैराना हाल फिलहाल में देशभर में सुर्खियों में बना हुआ है। क्योंकि कैराना में सांसद हुकुम सिंह की मौत के बाद 28 मई को मतदान होना है।
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यह बने नए डिप्टी कलेक्टर
पलायन प्रकरण को लेकर देश भर में चर्चा में रहे जनपद शामली के कस्बा कैराना में शासन में नए डिप्टी कलेक्टर को तैनाती दी गई है। हालांकि यह तैनाती केंद्रीय निर्वाचन आयोग की सहमति के बाद की गई है। क्योंकि पूर्व में कैराना में तैनात एसडीएम दुष्यंत मोर्य लंबी छुट्टी लेकर चले गए हैं। अब ऐसे में जब लोकसभा का उप चुनाव सर पर हो जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं और उस दौरान एसडीएम का लंबी छुट्टी लेकर चला जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार ने कैराना के एसडीएम दुष्यंत मोर्य के स्थान पर मेरठ में डिप्टी कलेक्टर अरविंद कुमार को कैराना का जिम्मा सौंपा है।
मुख्यमंत्री ने लगाई थी इनकी क्लास
सांसद हुकुम सिंह की मौत पर परिवार को सांत्वना देने के लिए जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कैराना पहुंचे थे तो उनका हेलीकॉप्टर कैराना के पब्लिक इंटर कॉलेज में लैंड किया गया था। जिसके बाद वहां से कार में सवार होकर के सांसद हुकुम सिंह के यहा मायापुर फार्म हाऊस पर पहुंचे थे, इस दौरान रास्ते में काफी धूल और साफ-सफाई न मिलने से नाराज सीएम योगी आदित्यनाथ ने कैराना एसडीएम दुष्यंत मोर्य को जमकर हड़काया था।
यह देखेंगे कानून व्यवस्था
साथ ही मेरठ के ही डिप्टी कलेक्टर अंकुर श्रीवास्तव को भी शासन ने शामली मुख्यालय का उप जिला अधिकारी नियुक्त किया गया है और इतना ही नहीं इनके लिए यह भी स्पष्ट लिखा गया है कि यह निर्वाचन से संबंधित कोई भी कार्य नहीं करेंगे। लेकिन कानून व्यवस्था की जिम्मेवारी संभालेंगे।
28 मई को होना हैं मतदान
बीजेपी के सांसद हुकुम सिंह की में मौत के बाद कैराना लोकसभा सीट खाली हो गई थी अब ऐसे में लोकसभा सीट को खाली नहीं रखा जा सकता इसके लिए केंद्र सरकार ने आगामी 28 मई को चुनाव के मतदान की घोषणा की थी। जिसके बाद सभी राजनीतिक दल कैराना लोकसभा सीट को लेकर सक्रिय हो गए और अपने प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतार कर तैयारियां शुरु कर दी है।