मुजफ्फरनगर

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने खोला दो मुस्लिम युवकों की हत्‍या का राज

मुजफ्फरनगर दंगों के समय में हुई थी नवाब व शाहिद की हत्‍या विधानसभा में सपा विधायक इरफान सोलंकी ने उठाया था सवाल मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने दिया एसएसपी की रिपोर्ट का हवाला
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UP CM Yogi Adityanath
मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने खोला दो मुस्लिम युवकों की हत्‍या का राज

मुजफ्फरनगर। उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ( UP CM Yogi Adityanath ) ने बुधवार को विधानसभा ( vidhansabha ) में दो मुस्लिम युवकों की हत्‍या का राज खोला। दोनों की हत्‍या 9 सितंबर 2013 को मुजफ्फरनगर ( Muzaffarnagar ) दंगों के समय में हुई थी। इसी साल 11 मार्च को हत्‍या के मुख्‍य गवाह इनके भाई की भी हत्‍या कर दी गई थी। इसको लेकर समाजवादी पार्टी ( Samajwadi Party ) विधायक इरफान सोलंकी ने विधानसभा ( Vidhansabha ) में सवाल उठाया था।

यह है मामला

7 सितंबर 2013 को मुजफ्फरनगर दंगों ( muzaffarnagar riots ) की चपेट में आ गया था। इसमें कई लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद तीन थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया था। 8 सितंबर को भी कई लोग दंगे का शिकार हुआ था। 9 सितंबर को नवाब और उसके भाई शाहिद की हत्‍या कर दी गई थी। इस मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी। मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। इसी साल 11 मार्च को मुख्‍य गवाह वहाब की खतौली में हत्‍या कर दी गई थी। इस मामले में भी पुलिस ने हत्‍या के आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

यह जवाब दिया मुख्‍यमंत्री ने

बुधवार को विधानसभा में सपा विधायक इरफान सोलंकी ने सवाल उठाया। उन्‍होंने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगों ( Muzaffarnagar Riots ) के मामलों में गवाहों को सुरक्षा देने के बारे में यूपी सरकार क्या कर रही है? इसके जवाब में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ( UP CM Yogi Adityanath ) ने मुजफ्फरनगर एसएसपी की रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्‍होंने कहा कि इन दोनों भाइयों की हत्‍या का दंगों से कोई संबंध नहीं था। नवाब और शाहिद का दूध का करोबार था। नवाब चरित्रहीन था।

यह बताई वजह

उन्‍होंने कहा कि उसके कृष्णपाल की पत्नी से अवैध संबंध थे। जांच में दोनों के द्वारा महिला से दुर्व्यवहार की बात सामने आई थी। गवाहों को सुरक्षा देने को लेकर उन्‍होंने कहा कि पांच आरोपियों ने मार्च में मुख्‍य गवाह वहाब की हत्‍या की थी। बाद में उन्‍होंने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इस मामले के बाकी गवाहों को सुरक्षा देने के निर्देश मुजफ्फरनगर में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दिए गए थे।

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Published on:
25 Jul 2019 10:16 am
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