
(पत्रिका ब्यूरो,पटना): मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले में दरभंगा के एक सरकारी आयोजन में उस वक्त अजीब स्थिति पैदा हो गई जब नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। उन्हें काले झंडे दिखाए गए। लोगों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नगर विकास मंत्री नगर निगम के एक कार्यक्रम में शनिवार को दरभंगा आए थे। कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने जमाल अहमद की अगुवाई में मंत्री को काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा मुजफ्फरपुर से ही भाजपा के नगर विधायक हैं। बालिका गृह मामले में तेजस्वी यादव ने इन पर भी लांछन लगा रखे हैं। जवाब में मंत्री ने उन्हें कानूनी नोटिस भेज रखा है।
बता दें कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले का खुलासा टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज(टिस)की रिपाेर्ट में किया गया था। टिस ने सूबे के 38 जिलों के 110 शेल्टर होम्स का सर्वे किया था। मुजफ्फरपुर समेत सभी शेल्टर होम्स में महिलाओं और बच्चियों के साथ यौन शोषण की कलई खुली। यहां 34 बच्चियों का सामूहिक यौन शोषण हुए। हैरत की बात यह की 12 से 15 वर्षकी बच्चियों को नशे की सूई देकर और भयंकर यातनाएं देकर यौन शोषण किया जाता रहा। इसमें कतिपय अधिकारी और कर्मियों के नाम भी सामने आ चुके हैं। मामले की अब सीबीआई जांच चल रही है। टिस ने 1 मई को ही रिपोर्ट सरकार को सोंप दी थी।
"जाप" का राजभवन मार्च
इधर जनअधिकार पार्टी सुप्रीमो और मधेपुरा से सांसद पप्पु यादव के नेतृत्व में शनिवार को राजभवन मार्च निकाला गया। मुजफ्फरपुर बालिका गृह बलात्कार कांड मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में करवाने की मांग को लेकर उन्होंने यह मार्च निकाला। पर पुलिस ने इस मार्च को दूरी पर ही रोक दिया। इस पर यादव समर्थकों व पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस प्रदर्शन को उग्र होता देख पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा।