नागौर

हरियाली की मिसाल बना नागौर का अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय, 150 पौधों के साथ संकल्प भी रोपे

राजस्थान पत्रिका के ‘हरयाळो राजस्थान’ अभियान में जुटे प्रशासन, शिक्षक, विद्यार्थी और भामाशाह; पौधों की सुरक्षा से लेकर बूंद-बूंद सिंचाई तक की पुख्ता व्यवस्था
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Jul 30, 2026
अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय में पौधरोपण करते जिला कलक्टर व अन्य
अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय में पौधरोपण करते जिला कलक्टर व अन्य

नागौर. पौधे लगाकर भूल जाने की परंपरा से अलग इस बार केवल हरियाली का संदेश ही नहीं दिया गया, बल्कि पौधों को पेड़ बनाने का संकल्प भी लिया गया। राजस्थान पत्रिका के ‘हरयाळोराजस्थान’ अभियान के तहत गुरुवार को जिला मुख्यालय के बीकानेर रोड पर स्थित मेडिकल कॉलेज के पीछे राजकीय अल्पसंख्यक बालक आवासीय विद्यालय परिसर में 150 से अधिक फलदार और छायादार पौधे रोपे गए। खास बात यह रही कि पौधरोपण के साथ उनकी सुरक्षा और सिंचाई की भी ऐसी व्यवस्था की गई, जिससे पौधों के जीवित रहने की संभावना कई गुना बढ़ गई।

अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय के आगे पौधरोपण करते बच्चे व पर्यावरण प्रेमी

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार ने विद्यार्थियों के साथ स्वयं पौधे लगाए और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के साथ जीवन में सफलता का भी मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि पौधे लगाना पहला कदम है, लेकिन उन्हें पेड़ बनने तक सुरक्षित रखना हमारी वास्तविक जिम्मेदारी है। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में एसडीएम गोविन्दसिंह भींचर, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी गोपाल जीनगर, जिला शिक्षा अधिकारी अनोज भारद्वाज, मिर्धा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. शंकरलाल जाखड़, नर्सिंग कॉलेज के प्रधानाचार्य खेमाराम लॉयल, डाइट के प्राचार्य पृथ्वीसिंह चारण सहित कई अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और पर्यावरण प्रेमियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय में पौधरोपण करते अधिकारी व पर्यावरण प्रेमी

पौधे ही नहीं, उनकी सुरक्षा का भी पूरा इंतजाम

कार्यक्रम में नीम, पीपल, शीशम, करंज, जामुन, शहतूत, बेल, पाम सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। विद्यालय परिवार को 200 से अधिक अतिरिक्त पौधे भी उपलब्ध कराए गए, ताकि परिसर के अन्य हिस्सों में भी हरियाली बढ़ाई जा सके। सबसे महत्वपूर्ण पहल यह रही कि पौधों की सुरक्षा के लिए चारदीवारी के बाहर लगाए गए पौधों के चारों ओर पत्थर की पट्टियां रोपकर लोहे की जाली और तारबंदी की गई। वहीं नियमित सिंचाई के लिए पाइपलाइन के जरिए बूंद-बूंद पानी पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई। इससे पौधों के संरक्षण की दिशा में अभियान को स्थायी स्वरूप देने का प्रयास किया गया।

अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय में पौधरोपण करते नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थी व ​शिक्षक

दानदाताओं ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी

अभियान को सफल बनाने में समाज के दानदाताओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दाल व्यवसायी भूराराम डेलू, हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. कैलाश खोजा तथा फिजिशियन डॉ. सुरेश बिश्नोई ने आर्थिक सहयोग दिया। वहीं कांकरिया स्कूल के व्याख्याता धनराज खोजा ने गड्ढे खुदवाने, पौधों की व्यवस्था करने और सुरक्षा के लिए जाली लगाने सहित पूरे अभियान का जिम्मा संभाला। पौधरोपण कार्यक्रम में अल्पसंख्यक बालक आवासीय विद्यालय के साथ नागौर नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थी एवं शिक्षक, अधीक्षण अभियंता हरिराम फिड़ौदा, डॉ. मूलाराम जांगू, डॉ. शंकरराम पूनिया, सामाजिक कार्यकर्ता रामप्रकाश बिशु, इमरान खान, फिरोज खान आदि ने पौधरोपण में सहयोग दिया।

अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय के बच्चे

हर पौधा जीवित रहेगा का भरोसा

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी गोपाल जीनगर ने कहा कि यह केवल औपचारिक पौधरोपण नहीं है। विद्यालय परिवार इन पौधों की नियमित देखभाल करेगा और अगले वर्ष सभी पौधे जीवित मिलेंगे। व्याख्याता धनराज खोजा ने बताया कि पिछले दो वर्षों में विद्यालय परिसर में सैकड़ों पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि परिसर में 100 अनार के पौधों का बगीचा भी विकसित किया है, जिससे आने वाले वर्षों में विद्यार्थियों को ताजे फल उपलब्ध होंगे। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जिला कलक्टर ने उन्हें साफा पहनाकर सम्मानित किया।

अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय के बच्चों काे संबो​धित करते डॉ. जाखड़

सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं

विद्यार्थियों से संवाद करते हुए जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार ने कहा कि कोई भी बच्चा जन्म से श्रेष्ठ नहीं होता। कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ प्रकृति के संरक्षण को भी जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। मिर्धा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. शंकरलाल जाखड़ ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और मेहनत का कोई विकल्प नहीं है।’ उन्होंने विद्यार्थियों से अपना पूरा ध्यान शिक्षा और व्यक्तित्व निर्माण पर केंद्रित करने की बात कही।

Updated on:
30 Jul 2026 09:50 pm
Published on:
30 Jul 2026 09:50 pm