चेतावनी कर गई असर, 7.6 प्रतिशत कम हुआ धूम्रपान
नागौर. प्राचीन काल में रसूखदार लोग अपनी ‘शान’ के लिए धूम्रपान एवं तम्बाकू का सेवन करते थे जिसे ‘नशा’ कहा गया। नशा धीरे-धीरे ‘नाश’ का कारण बनने लगा। इस बात का अहसास नशा करे वाले लोगों को तम्बाकू उत्पादों पर प्रकाशित होने वाली वैधानिक चेतावनी से हुआ है। इस चेतावनी ने अपना पूरा असर दिखाया है। पिछले पांच-छह सालों में धूम्रपान करने वालों के साथ धूम्ररहित तम्बाकू सेवन करने वालों की संख्या में करीब साढ़े 7 प्रतिशत की कमी आई है, जो समाज के लिए सुखद संदेश है। वैश्विक व्यस्क तम्बाकू सर्वेक्षण (गेट्स-2) के अनुसार गेट्स-1 से गेट्स-2 तक धूम्रपान के प्रसार में 5.6 प्रतिशत, धूम्ररहित तम्बाकू के प्रसार (उपभोग) में 4.8 प्रतिशत की कमी आई है। इसी प्रकार किसी भी प्रकार के तम्बाकू के प्रसार में भी गेट्स-1 (32.3 प्रतिशत) से गेट्स-2 (24.7 प्रतिशत) तक 7.6 प्रतिशत की कमी हुई है, जो काफी महत्वपूर्ण है।
60 प्रतिशत लोगों ने चेतावनी देखकर छोड़ा तम्बाकू
गौरतलब है कि भारत सरकार ने 1 अप्रेल 2016 से तंबाकू के पैकेट पर 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है। तम्बाकू उत्पादों पर स्वास्थ्य को लेकर दी जाने वाली वैधानिक चेतावनी का असर यह रहा कि 50.4 प्रतिशत सिगरेट पीने वालों और 47.4 प्रतिशत बीड़ी पीने वालों ने पैकेट पर दी गई सचित्र चेतावनी को देखकर धूम्रपान छोडऩे का निर्णय लिया। 60.5 प्रतिशत धूम्ररहित तम्बाकू सेवन करने वालों ने चेतावनी के कारण तम्बाकू छोड़ा।
क्या है गेट्स
वैश्विक व्यस्क तम्बाकू सर्वेक्षण (गेट्स), व्यस्कों में तम्बाकू उपयोग (धूम्रपान तथा धूम्ररहित तम्बाकू) के आंकड़ों की तथा तम्बाकू नियंत्रण के प्रमुख संकेतकों की सुव्यवस्थित निगरानी के लिए वैश्विक मानक है। यह सर्वेक्षण पूरे भारत में किया जाता है। पहला सर्वेक्षण जून 2009 से जनवरी 2010 के दौरान किया गया, जबकि गेट्स-2 टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान द्वारा अगस्त 2016 से फरवरी 2017 के दरम्यान किया गया।
औसम आयु में हुई बढ़ोतरी
तम्बाकू सेवन की शुरुआत करने वाली औसत आयु गेट्स-1 में जहां 17 वर्ष थी, वहीं गेट्स-2 में यह आयु बढकऱ 18.4 प्रतिशत हो गई। इसी प्रकार 15 से 17 वर्ष आयु के व्यक्तियों में तम्बाकू सेवन का प्रसार गेट्स-1 में 10.5 प्रतिशत था, जो गेट्स-2 में घटकर 7.1 प्रतिशत रह गया।
यह भी जानना जरूरी
सर्वेक्षण के अनुसार वर्तमान में 22.2 फीसदी पुरुष एवं 3.7 फीसदी महिलाएं और कुल 13.2 फीसदी व्यस्क धूम्रपान करते हैं। इसी प्रकार 22 प्रतिशत पुरुष व 5.8 प्रतिशत महिलाएं और कुल 14.1 प्रतिशत व्यस्क तम्बाकू सेवन करते हैं। धूम्रपान व तम्बाकू सेवन दोनों का आंकड़ा देखें तो 39.6 प्रतिशत पुरुष व 9 प्रतिशत महिलाएं और कुल 24.7 प्रतिशत व्यस्क इसकी जकड़ में हैं।
कार्रवाई तेज करेंगे
यह सुखद पहलू है कि तम्बाकू उत्पादों पर सचित्र चेतावनी को देखकर धूम्रपान करने वालों का प्रतिशत कम हुआ है। अब हम अगले तीन माह तक तम्बाकू नियंत्रण अभियान चलाकर जागरुकता के साथ कार्रवाई भी तेज करेंगे। इसमें आंगनबाड़ी केन्द्रों को तम्बाकू मुक्त करने के साथ बिक्री केन्द्रों पर प्रदर्शन करने पर भी कार्रवाई होगी।
- डॉ. साकिर खान, तम्बाकू नियंत्रण प्रभारी, नागौर