
नागौर. नगर परिषद की ओर से बालवा रोड पर विकसित की जा रही अहिछत्रपुर कॉलोनी शहर की पहली ऐसी कॉलोनी होगी, जिसे योजनाबद्ध एवं व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जा रहा है। अब यह नगर परिषद की सबसे महत्वाकांक्षी आवासीय योजनाओं में शामिल हो गई है। करीब 150 बीघा क्षेत्र में विकसित हो रही इस कॉलोनी में 80 फीसदी आवासीय भूखंडों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा, जबकि 20 फीसदी भूखंडों का आवंटन नीलामी से होगा। रेरा पंजीकरण पूरा होने के बाद परिषद अब बड़े स्तर पर आवंटन प्रक्रिया की तैयारी में जुटी है।
नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि कॉलोनी के आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों की बिक्री से परिषद को करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त होगा, जिससे परिषद की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। इस राशि का उपयोग शहर में सडक़, सीवरेज, सफाई, रोशनी और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास पर किया जा सकेगा। नगर विकास से जुड़े जानकारों का कहना है कि सुविधाओं, सुव्यवस्थित लेआउट और नियोजित विकास को देखते हुए अहिछत्रपुर कॉलोनी नागौर की अब तक की सबसे व्यवस्थित और आधुनिक आवासीय कॉलोनियों में शामिल होगी।
कानूनी अड़चनों और न्यायाल की रोक हटने के बाद गत दिनों योजना का रेरा पंजीकरण पूरा हो चुका है। इससे लंबे समय से अटकी इस परियोजना को गति मिली है और अब बड़ी संख्या में लोगों को पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से आवासीय भूखंड मिलने की उम्मीद है।
सुविधाओं के लिए अलग-अलग भूमि आरक्षित
नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त गोविन्दसिंहभींचर ने बताया कि अहिछत्रपुर कॉलोनी को आधुनिक शहरी मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। यहां चौड़ी सडक़ें, ग्रीन बेल्ट, तीन बड़े पार्क, स्कूल, डिस्पेंसरी, संस्थागत क्षेत्र और बाजार जैसी सुविधाओं के लिए अलग-अलग भूमि आरक्षित की गई है। कॉलोनी में सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है तथा इस मानसून में पांच हजार पौधे लगाने की तैयारी भी की गई है।
तारबंदी व सीमांकन का काम अंतिम चरण में
नगर परिषद ने कॉलोनी क्षेत्र की तारबंदी, साफ-सफाई और भूखंडों के सीमांकन का कार्य लगभग पूरा कर लिया है। पेयजल लाइन के लिए जलदाय विभाग को प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जबकि रोड लाइट और अन्य सुविधाएं भूखंड आवंटन के बाद विकसित की जाएंगी।
योजना की प्रमुख बातें
- 150 बीघा क्षेत्र में विकसित हो रही कॉलोनी
- 80त्न भूखंड लॉटरी से, 20त्न नीलामी से आवंटित होंगे
- रेरा पंजीकरण पूरा, जल्द शुरू होगी आवंटन प्रक्रिया
- तीन बड़े पार्क, चौड़ीसडक़ें और ग्रीन बेल्ट का प्रावधान
- स्कूल, डिस्पेंसरी, पुलिस स्टेशन और बाजार के लिए अलग भूमि आरक्षित
- सीवरेज लाइन का कार्य प्रगति पर, इस वर्ष 5,000 पौधे लगाए जाएंगे
नगर परिषद को होंगे ये फायदे
- भूखंड बिक्री से करोड़ों रुपए का राजस्व मिलेगा।
- परिषद की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
- शहर में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे।
- योजनाबद्ध कॉलोनी से शहर का विस्तार व्यवस्थित तरीके से होगा।
- आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।