नागौर

कलक्टर की फटकार के बाद भी नहीं बने 88 हजार से अधिक के आधार कार्ड

-जायल ब्लॉक में सबसे अधिक 10404 बच्चे आधार से वंचित
2 min read
Nov 10, 2017
These questions will be asked in the board exam
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नागौर. बार-बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा दिए गए चेतावनी भरे निर्देशों के बावजूद जिले के सरकारी स्कूलों में अभी भी 88 हजार से अधिक बच्चों के आधार कार्ड नहीं बन पाए हैं। जबकि सरकार आधार कार्ड बनवाए जाने को लेकर बेहद गंभीर नजर आ रही है। सरकार ने तो यहां तक भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि यदि किसी बच्चे को आधार कार्ड नहीं बन पाता है तो वो सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाएगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सम्बंधित संस्थाप्रधान की होगी। इधर विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों ने सरकार के दिशा-निर्देशों को संस्थाप्रधानों को अवगत कराकर जिम्मेदारी से इतिश्री कर ली है। जिन स्कूलों में बच्चों के आधार नहीं बनवाए गए हैं उन संस्थाप्रधानों पर कार्रवाई तो दूर समय पर जानकारी तक लेना उचित नहीं समझा जा रहा है। उच्चाधिकारियों से पत्र आने पर कुछ सख्ती दिखाकर कागजी खानापूर्ति की जा रही है।

कलक्टर की फटकार भी बेअसर
सरकारी स्कूलों में सभी बच्चों के आधार की अनिवार्यता को लेकर कई बार कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में खुद कलक्टर ने विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्धारित समय में आधार कार्ड बनवाए जाने के निर्देश दिए थे। लेकिन विभागीय अधिकारियों पर कलक्टर की फटकार का भी कोई असर दिखाई नहीं दिया। हालांकि विभागीय अधिकारियों को कहना है कि विभाग की ओर से समय-समय पर संस्थाप्रधानों को बच्चों के आधार कार्ड बनवाने के लिए निर्देश दिए गए।

कहां कितने बच्चे आधार से वंचित
जिले में आधार कार्ड से वंचित रहने वाले विद्यार्थियों की बात करें तो जायल ब्लॉक में सबसे अधिक 10 हजार 404 बच्चों का आधार कार्ड नहीं बन पाया है। इसके बाद कुचामन में 9 हजार 22 व नागौर ब्लॉक में 8560 बच्चे आज भी आधार कार्ड से वंचित रह रहे हैं। इसके अलावा मकराना में 7099 , डेगाना में 6941 व डीडवाना ब्लॉक में 6925 विद्यार्थियों के आधार नहीं बने हैं। जबकि कुक-कम हैल्पर्स की बात करें तो जिले भर में 5421 में से 106 के आधार कार्ड नहीं बने हैं।

करेंगे कार्रवाई

आधार कार्ड बनाए जाने को लेकर कई बार संस्थाप्रधानों को नोटिस दिए जा चुके हैं। अभी १५ नवम्बर तक का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समय में सभी बच्चों के आधार कार्ड नहीं बन पाते हैं तो सम्बंधित संस्थाप्रधानों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

रजिया सुल्ताना, डीईओ, प्रारम्भिक शिक्षा, नागौर

Published on:
10 Nov 2017 09:24 am