
नागौर। यदि आप सोच रहे हैं कि सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी के चलते फाइलों को दबा दिया जाता है, तो सतर्क हो जाएं। अब एसीबी ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। एसीबी का भ्रष्टचारियों पर शिंकजा कसता जा रहा है। ऐसे ही एक मामले में एसीबी ने डिस्कॉम के लाइन मैन को गिरफ्तार किया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) नागौर ने निम्बी जोधा में डिस्कॉम के लाइनमेन को रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी लाइनमेन ने उपभोक्ता के अवैध कनेक्शन की वीसीआर नहीं भरने की एवज में 12 हजार रुपए मांगे थे, जिसमें 9 हजार रुपए बुधवार को लेते समय एसीबी ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
नागौर एसीबी के डीएसपी जाकिर अख्तर ने बताया कि निम्बी जोधा क्षेत्र के हुड़ास निवासी गोपालदास ने कार्यालय में शिकायत कर बताया कि निम्बी जोधा की डिस्कॉम टीम ने उसका बिजली कनेक्शन अवैध बताकर काट दिया था। इसके बाद 21 जुलाई को डिस्कॉम की टीम दुबारा मौके पर पहुंची तथा फोटो खींचे। इस दौरान लाइनमेन राकेश कुमार ने उससे वीसीआर नहीं भरने की एवज में 12 हजार रुपए मांगे। यह भी सामने आया कि डिस्कॉम टीम ने चार-पांच अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई की, जहां उनका मामला सेट हो गया। परिवादी की शिकायत की पुष्टि होने पर एसीबी ने बुधवार को आरोपी को गिरफ्तार करने का जाल बिछाया और परिवादी को रुपए देने के लिए कहा। परिवादी ने लाइनमेन को निम्बी बैंक में बुलाकर 9 हजार रुपए दिए, इस दौरान एसीबी की टीम ने आरोपी राकेश को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद एसीबी आरोपी को नागौर ले आई। गुरुवार को उसे अजमेर एसीबी कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस मामले में अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जाल बिछाकर किया गिरफ्तार
इससे पहले एसीबी ने लाइनमैन को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। लाइनमैन को उपभोक्ता ने एसीबी के नंबरी नोट दिए। उपभोक्ता जैसे ही 9 हजार रुपए की राशी लेकर आरोपी के पास पहुंचा। इस दौरान टीम भी उसके पीछे-पीछे घटनास्थल के पास पहुंच गई। उपभोक्ता ने रिश्वत की राशि लाइनमैन को दी तो एसीबी ने आरोपी को 9 हजार रुपये की रकम के साथ दबोच लिया। वहीं एसीबी की कार्रवाई को देखकर हड़कंप मच गया।