
हवलदार भगवानाराम विश्नोई को अंतिम विदाई देते सेना के जवान व ग्रामीण। फोटो पत्रिका
नागौर। देश की रक्षा के लिए मणिपुर में तैनात नागौर जिले के अलाय निवासी भारतीय सेना के हवलदार भगवानाराम विश्नोई (40) पुत्र गोपीचंद का शनिवार दोपहर में हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे सात अगस्त तक छुट्टी लेकर नागौर आए हुए थे। शनिवार दोपहर में घर पर अचानक चक्कर आने पर बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन उन्हें लेकर तत्काल जेएलएन राजकीय जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उनका निधन हो गया। रविवार को सेना के जवानों की मौजूदगी में उनके पार्थिव शरीर का सैन्य सम्मान के साथ पैतृक गांव अलाय में अंतिम संस्कार किया गया।
भगवानाराम वर्तमान में मणिपुर के नॉर्थ इंफाल में तैनात थे। वे गत 9 जुलाई को अवकाश पर अपने घर नागौर आए थे। परिजनों की सूचना पर रविवार सुबह सेना के साथी जवान नागौर पहुंचे। नागौर की संजय कॉलोनी में उनके आवास पर पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को पैतृक गांव अलाय ले जाया गया। वहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया ।
अंतिम दर्शन के दौरान हर किसी की आंखें नम थी। तिरंगे में लिपटे बेटे को देखते ही उनकी मां फूट-फूटकर रो पड़ीं और बेसुध हो गईं। पत्नी परमा देवी, बेटा नीलेश (5) तथा बेटियां खुशबू (15) और सोनाक्षी (11) भी पार्थिव देह से लिपटकर बिलख पड़े। परिजनों व ग्रामीणों ने उन्हें ढांढ़स बंधाया।
सुबह करीब 10 बजे अलाय गांव से शुरू हुई तिरंगा यात्रा दोपहर करीब एक बजे श्मशान स्थल पहुंची। यात्रा में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सेना के जवान शामिल हुए। बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता की जय और वीर जवान अमर रहे के नारे लगाते हुए चल रहे थे। पूरे गांव में देशभक्ति का माहौल था। ग्रामीण अपने वीर सपूत के बचपन, सरल स्वभाव और देश सेवा के जज्बे को याद कर भावुक हो गए।
भगवाना राम की 20 वर्ष की आयु में 8 जुलाई 2006 को भारतीय सेना की महार रेजिमेंट में नियुक्ति हुई थी। उन्होंने गलवान, भुज, उधमपुर सहित आठ अलग-अलग सैन्य ठिकानों पर सेवाएं दीं। वर्तमान में मणिपुर के नॉर्थ इंफाल में तैनात थे। वे सात अगस्त को ड्यूटी पर लौटने वाले थे।
Updated on:
26 Jul 2026 06:38 pm
Published on:
26 Jul 2026 06:31 pm
