मूण्डवा. रामानंदीय अग्रद्वारस्थ संत दासौता वैष्णव गूदड़ वैरागी धर्म सम्प्रदाय दांतड़ा (भीलवाड़ा) की आचार्य पीठ से संबंध मूण्डवा रामद्वारा के संत ईसरराम का शताब्दी निर्वाण दिवस समारोह बुधवार को शोभायात्रा से हुआ। रामद्वारा से रवाना होकर शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गो से होती हुई वापस रामद्वारा पह

शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। दांतड़ा के महन्त निर्मलराम तथा मूण्डवा के महंत दुलाराम के सानिध्य में धार्मिक आयोजन हो रहे हैं।
11 मई को सुबह 6 बजे आरती के बाद सवा छह बजे से संत ईसरराम की मूर्ति की स्थापना, अनावरण तथा प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन होगा। दोपहर सवा बारह बजे से महाप्रसादी होगी। गौरतलब है कि संत ईसरराम के गुरू संत सुखराम थे। जिनका जन्म रोल गांव के जलवाणिया गौत्र के जाट परिवार में हुआ। उत्तम आश्रम कागा रोड़ नागौरी गेट जोधपुर की गुरू गद्दी से संबंध रखने वाले इस आश्रम में सुखराम महाराज के शिष्य ईसरराम महाराज का जन्म मूण्डवा के मेघवंशी कटारिया परिवार में विक्रम संवत 1909 को हुआ। पिता का नाम बजरंगराम कटारिया था। शुरू से भक्ति भाव रखने वाले ईसरराम महाराज ने विक्रम संवत 1940 में भगवा धारण किया तथा विक्रम संवत 1974 को वैसाख पूर्णिमा के दिन देवलोक गमन कर गए। इन्होंने पाखंड रहित जीवन जीने तथा आध्यात्मिक दिशा में बढ़ते हुए जीवन के कल्याण की दिशा दी। उनके लिखे पद आज भी गुरूवाणी के रूप में गाए जाते हैं।