
नागौर. अब कॉलेज छात्र मंत्री/विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए शहरवासियों से चंदा इक_ा करेंगे। मिर्धा व माडी बाई महिला महाविद्यालय में 'थोथीÓ घोषणा करने वालों के खिलाफ छात्र/छात्राओं का यह अनोखा विरोध है। छात्र नेताओं का कहना है कि मिर्धा महाविद्यालय तथा माडी बाई महिला महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रमों में पिछले कई बरसों में की गई अधिकांश घोषणाएं सिरे तक नहीं चढ़ी है। इसके चलते अब चंदे में एकत्र धन नेताओं को थमाया जाएगा। छात्रों ने बताया कि हमने आंदोलन की कोशिश की तब हमारी आवाज को दबाया गया। यहां तक की हम पर ही मुकदमे दर्ज कर लिए गए। जब तक दोनों ही महाविद्यालयों की चार दीवारी सहित अन्य घोषणाएं पूरी नहीं हो जाती तब तक नेताओं का विरोध जारी रहेगा। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने रविवार को प्रकाशित अंक में 'घोषाणाएं बड़ी-बड़ी पर समस्याएं ज्यों की त्यों खड़ीÓ शीर्षक से प्रकाशित खबर में नेताओं की थोथी घोषणाओं का खुलासा किया था।
इनका कहना है
अब झूठी राजनीति नहीं चलने दी जाएगी। नेताओं के पास लगता है कि धन खत्म हो गया है । ऐसे में शहरवासियों से चंदा एकत्र कर नेताओं को सौंपेंगे।
सुरेन्द्र दौतड़, छात्रसंघ अध्यक्ष, मिर्धा महाविद्यालय
पुरजोर होगा विरोध
पिछले काफी सालों से यह देखा जा रहा है कि जिले के मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि महाविद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में युवाओं को लुभाने के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर देते हैं पर उन्हें समय पर पूरा नहीं किया जाता। इसलिए ऐसा नेताओं का पुरजोर तरीके से विरोध किया जाएगा।
मोहित चौधरी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, मिर्धा महाविद्यालय
कॉलेज में नहीं घुसने देंगे
मिर्धा महाविद्यालय व माडी बाई महिला महाविद्यालय में लंबे समय से जनप्रतिनिधि व नेता बड़ी-बड़ी घोषणाएं करके गए, लेकिन आज तक पूरी नहीं होने के कारण छात्रों में काफी रोष है। हमनें कई बार आंदोलनों के माध्यम से बताने की कोशिश की, लेकिन अभी भी समस्या जस की तस है। आने वाले समय में ऐसे नेताओं को कॉलेजों में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
हनुमान लोमरोड़, छात्र नेता