
रियांबड़ी (नागौर).
रियांबड़ी व पादू कलां क्षेत्र में लम्बे समय से हो रहे बजरी के अवैध खनन को रोकने के लिए कलक्टर कुमारपाल गौतम द्वारा विशेष तौर से भेजे गए आईएएस प्रशिक्षु डॉ. अमित यादव ने जाते ही खनन माफिया में हड़कम्प मचा दिया। हालांकि सोमवार सुबह बड़ायली ग्राम के समीप बजरी की खानों में अवैध खनन के विरूद्ध कार्रवाई करने पहुंचे रियांबड़ी तहसीलदार सांवरलाल अबासरा पर खनन माफिया के लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमले के दौरान बीच बचाव करने आए चालक हरीराम और संजीव सैनी घायल हो गए, लेकिन सोमवार अल सुबह जब वे खनन क्षेत्र में पहुंचे तो बजरी का अवैध खनन व परिवहन करने वाले जेसीबी चालक, ट्रेक्टर-ट्रॉली एवं डम्पर चालक दुब दबाकर भागते नजर आए। तहसीलदार की टीम द्वारा बनाए गए करीब पांच मिनट के वीडियो में जेसीबी व ट्रेक्टर चालक वाहनों के साथ चिंटियों के दल की तरह भागते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर वारदात को अंजाम देने वाले आरोपित शात तक पुलिस के हाथ नहीं लगे। प्रशासन की ओर से आरोपितों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करवाया है, जिसकी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब 7 बजे रियां तहसीलदार सांवरलाल अबासरा सहित दो चालक बड़ायली के निकट बजरी के खनन क्षेत्र में पहुंचे, जहां पहले तो खान में अवैध खनन के लिए लगाई गई जेसीबी एवं बजरी लेने आए ट्रेक्टर-ट्रॉली व डम्पर कीड़े-मकोड़ों की तरह डर के मारे खान से निकलकर भागे। इसके बाद जब उन्हें पता चला कि प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका वीडियो बना लिया है तो अवैध बजरी खनन करने वाले माफिया के गिरोह ने उन पर हमला बोल दिया। थानाधिकारी मीणा ने बताया कि तहसीलदार सहित चालकों पर जान से मारने की नीयत से अज्ञात लोगों ने लाठियों और सरियों से हमला किया। हमले में तहसीलदार अबासरा को बचाने आए चालक हरीराम पुत्र टोलाराम के बाएं हाथ की कलई टूट गई। वहीं निजी गाड़ी के चालक संजीव सैनी भी हमले में चोटिल हो गया। दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया गया। इस दौरान सूचना मिलने पर आईएएस प्रशिक्षु डॉ. अमित यादव भी चिकित्सालय पहुंचे, जहां घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अजमेर जेएलएन रेफर कर दिया। घटना के बाद तहसीलदार अबासरा ने उच्च अधिकारियों व पुलिस प्रशासन को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद मेड़ता पुलिस उप अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद दिवाकर, पादूकलां, डेगाना, थांवला थानाधिकारी पुलिस बल के साथ स्थानीय पुलिस चौकी पहुंचे।
अवैध खनन माफिया की खैर नहीं, सख्ती से निपटेंगे
अवैध बजरी खनन के विरूद्ध कार्रवाई को लेकर बडायली क्षेत्र में तहसीलदार पर हुए हमले के बाद स्थानीय पुलिस चौकी परिसर में दोपहर को आईएएस प्रशिक्षु डॉ. अमित यादव ने खनन विभाग और पुलिस अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की। बैठक में शामिल मेड़ता पुलिस उप अधीक्षक दिवाकर, पादूकलां, थांवला और डेगाना थानाधिकारी सहित खनन विभाग के रमेश गहलोत मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान अवैध खनन माफियाओं व इस घटना को अंजाम देने वालों के विरूद्ध सख्ती से निपटने के लिए तत्पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध को इस तरह बनाते हैं वैध
अवैध बजरी खनन में लिप्त गिरोह के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि प्रशासन कुछ भी करे, इससे जुड़े हर पहलू की सूचना इनके पास होती है। इतना ही नहीं बजरी की रॉयल्टी के लिए जारी होने वाले ई-रवन्ना भी नागौर, कुचेरा, मेड़ता क्षेत्र के माइनिंग लीजधारकों से मंगवाकर बजरी का अवैध परिवहन करने वाले वाहनों को थमा देते हैं, ताकि उनके खिलाफ प्रशासन कार्रवाई नहीं कर सके। अधिकारी इन वाहनों का ई-रवन्ना देखकर छोड़ देते हैं।
चार टीमों का गठन
बड़ायली क्षेत्र में चल रहे बजरी के अवैध खनन को रोकने के लिए पहुंचे रियां बड़ी तहसीलदार व टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ पादू थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए उनकी पहचान कर चार टीमों का गठन किया गया हैं। इसके लिए संभावित स्थानों पर दबिशें देकर धरपकड़ के प्रयास कर रहे हैं।
- राजेन्द्र प्रसाद दिवाकर, वृत्ताधिकारी, मेड़ता