
Minister Yunus Khan Silence on 'Bharat Mata Ki Jai'
नागौर. वोट मांगते समय एवं सार्वजनिक मंच पर भाषण देते समय साम्प्रदायिक सद्भाव की बात करने वाले सार्वजनिक निर्माण विभाग मंत्री यूनुस खान एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। रविवार को डीडवाना में आयोजित गौरव सैनानी रैली के दौरान जब मंच से भारत माता की जय का नारा लगाया गया तो मंत्री खान व मकराना विधायक श्रीराम भींचर चुपचाप इधर-उधर झांक रहे थे, जबकि उनके पास खड़े केन्द्रीय राज्य मंत्री सीआर चौधरी सहित अन्य राजस्व विभाग राज्य मंत्री अमराराम सहित अन्य मंचस्थ अतिथि हाथ उठाकर भारत माता की जय बोल रहे थे।
गौरतलब है कि पीडब्ल्यूडी मंत्री खान इससे पहले भी छोटी खाटू में तिलक मिटाने तथा डीडवाना में तिलक लगाने वाली छात्रा का हाथ पकड़कर रोकने के मामले में काफी चर्चा में रह चुके हैं। लेकिन रविवार को डीडवाना में आयोजित गौरव सैनानी रैली में जब उन्होंने भारत माता की जय नहीं बोली तो किसी ने उनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जो काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।
इसी प्रकार गत वर्ष 26 नवम्बर को छोटी खाटू में आयोजित हिन्दी पुस्तकालय के साहित्य सम्मान समारोह में भी मंत्री ने अतिथि सत्कार के दौरान लगाए गए तिलक को हटाने के लिए ललाट को खूब रगड़ा था। श्री छोटी खाटू हिन्दी पुस्तकालय संस्थान के पदाधिकारियों ने बड़े लाड-कोड से उनका तिलक लगाकर एवं मोतियों की माला पहनाकर स्वागत किया। लेकिन मंत्री ने सीट पर बैठते ही संस्थान की ओर से दिए लगाए गए कपड़े के बैच से ही अपना तिलक साफ कर लिया। पहले तो उन्होंने ललाट रगड़-रगड़ कर साफ किया, फिर जब उन्हें विश्वास नहीं हुआ तो उन्होंने अपने मोबाइल का फ्रंट कैमरा चालू कर देखा कि कहीं तिलक के अंश ललाट पर रह तो नहीं गए। मंत्री द्वारा ऐसा करने के दौरान सामने बैठे सैकड़ों प्रबुद्ध नागरिकों ने उन्हें देखा तो कहने लगे कि देखो, साम्प्रदायिक सद्भाव की बात करने वाले राजनेता कुछ समय के लिए भी अपने भाल पर तिलक नहीं रख सके।
वायरल हो चुका है बालिका का हाथ पकडऩे का फोटो
गौरतलब है कि गत वर्ष मंत्री खान ने डीडवाना में एक स्कूल के कार्यक्रम में तिलक लगाते समय बालिका का हाथ पकड़ लिया था। मंत्री द्वारा बालिका का हाथ पकडऩे का फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। खासकर उस समय जब डीडवाना में पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगे।
हमेशा रहते हैं विवादों में
मंत्री खान अक्सर विवादों में रहते हैं। मंत्री बनने के बाद जयपुर में जब उन्हें बंगला आवंटित किया गया तो उस बंगले में शिवमंदिर था, जिसे मंत्री ने हटवाकर बाहर शिफ्ट करवा दिया था, जिसके बाद जयपुर में काफी दिनों तक वे विवादों में रहे। मंत्री खान व भाजपा के लोग एक ओर जहां साम्प्रदायिक सद्भाव की बात करते हैं, वहीं इस प्रकार की हरकतें जनता में उनकी पोल खोल देती है। उनका असली चेहरा सामने आ जाता है।
Published on:
25 Feb 2018 09:26 pm
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