Collector Arun Kumar Purohit Retirement Ceremony: नागौर में जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित की सेवानिवृत्ति को एक खास और अनोखे तरीके से मनाया गया।
Nagaur Collector Arun Kumar Purohit Farewell: जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित की विदाई एक अनोखे और उत्साहपूर्ण तरीके से हुई, जिसमें बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका सम्मान किया गया। इस खास मौके पर कलक्ट्रेट शाखा के सभी अधिकारी, कार्मिक और आम नागरिक भावुक नजर आए।
विभागीय नियमों के तहत पुरोहित अब सेवानिवृत्त हो गए हैं और उनके इस विदाई समारोह को एक विवाह समारोह जैसा रूप दिया गया था। बैंड बाजों की धुन के साथ उनकी विदाई का दृश्य किसी बारात से कम नहीं था।
सेवानिवृत्त जिला कलक्टर के विदाई समारोह में कलक्ट्रेट और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारियों का भी बेहद भावुक माहौल था। अरुण कुमार पुरोहित ने अपने दो साल के कार्यकाल में सरल, सहज और शालीन व्यवहार से सबको प्रेरित किया।
उनकी नवाचारों और कामकाजी शैली के कारण ये विदाई समारोह सभी के लिए यादगार और भावुक क्षण बन गया। कलक्टर की गाड़ी को दूल्हे की तरह सजाया गया और विदाई गीतों की धुन कलक्ट्रेट परिसर में गूंज रही थी।
सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले एक भोज का आयोजन भी किया गया, जिसमें सभी स्टाफ ने अपनी भावनाएं शेयर की। इसके बाद कलक्टर को सभागार में माल्यार्पण कर विदाई दी गई।
इस अवसर पर उपस्थित सभी ने बताया कि 'जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित हमेशा समय के पक्के थे और उन्होंने हर कार्य में सटीकता से योगदान दिया। वे न केवल विभागीय कार्यों में सक्रिय रहे, बल्कि आमजन की भावनाओं को समझते हुए उनके साथ विचार-विमर्श करते थे। उनका व्यक्तित्व और कार्यशैली हमेशा प्रेरणादायक रही, और जब तक वे पद पर रहे, वे सभी को एक परिवार की तरह मानते रहे।'