नागौर के जेएलएन अस्पताल का मामला
नागौर. जेएलएन अस्पताल में शुक्रवार को एक डॉक्टर की जिद के चलते दिन में छह घंटे तक पोस्टमार्टम अटका रहा। डॉक्ट की मनमानी के चलते परिजन इधर-उधर भटकते रहे। डॉक्टर अलकेन्द्र मोहन सिंह पोस्टमार्टम (पीएम) नहीं करने की जिद पर अड़े रहे। यही नहीं उन्होंने पीएमओ को भी फोन पर पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया। शाम तक पोस्टमार्टम नहीं करने की बात जब मीडिया तक पहुंची तब जाकर डॉक्टर ने सूर्यास्त के समय पोस्टमार्टम किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार पांचोड़ी क्षेत्र के ग्राम पोटलिया मांजरा निवासी बाबूलाल पुत्र लिखमाराम (40) की शुक्रवार को खेत में काम करते समय अचानक तबीयत खराब हो गई। जिस पर परिजन पहले उसे गुढ़ा भगवानदास स्थित सीएचसी पर लेकर गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे नागौर जेएलएन के लिए रेफर कर दिया।
मृत घोषित कर दिया गया
करीब दोपहर 12 बजे जेएलएन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों को दिखाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
बाबूलाल को मृत घोषित किए जाने पर परिजन ने उसका पीएम करवाने की बात कही, लेकिन डॉक्टर अलकेन्द्र इसे पांचोड़ी थाना क्षेत्र का मामला बताते हुए टालमटोल करते रहे। जिस पर परिजन व नागौर पुलिस ने पांचोड़ी पुलिस को इसकी सूचना दी। पांचोड़ी थानेदार मौके पर पहुंचे और उन्होंने पीएम की कार्रवाई की जाने की बात पर सहमति जताई। इसके बाद भी डॉक्टर पीएम नहीं करने की जिद पर अड़े रहे। इसी दौरान किसी परिजन ने इसका वीडियो बना लिया। साथ ही मीडिया को इसकी सूचना दी। इसके बाद जब मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे तो डॉक्टर ने पोस्टमार्टम करने की बात कही और सूर्यास्त के समय पीएम किया। हालांकि पीएमओ कौशिक का यह भी कहना है कि नियमानुसार पांचोड़ी क्षेत्र के डॉक्टर ही पोस्टमार्टम करेंगे या तो वो नागौर आएं या फिर शव को पांचोड़ी ले जाते।
कोई सूचना नहीं मिली
इस बारे में पुलिस की ओर से कोई सूचना नहीं मिली। डॉक्टर अलकेन्द्र का शाम करीब छह बजे फोन आया था। उन्होंने बताया कि यह पांचोड़ी थाना क्षेत्र का मामला है। मैं पोस्टमार्टम नहीं करूंगा। मैंने डॉक्टर को पुलिसवालों को मेरे पास भेजने की बात कहीं, लेकिन मेरे पास कोई नहीं आया।
अपूर्व कौशिक, पीएमओ, जेएलएन, नागौर