नागौर

सियाचिन में तैनात सैनिक शहीद, राजस्थान में सैन्य सम्मान से होगा अंतिम संस्कार, 2018 में भारतीय सेना में हुए थे भर्ती

Martyred Soldier Kailash Kumar Choyal: देश की सेवा में समर्पित एक जवान के निधन से नागौर जिले के जायल क्षेत्र में शोक की लहर है। सियाचिन ग्लेशियर में तैनात भारतीय सेना के जवान कैलाश कुमार चोयल का दिल्ली के आर्मी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। बुधवार को उनके पार्थिव शरीर का पैतृक गांव रामपुरा में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।

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Jun 03, 2026
Soldier Kailash Kumar Choyal
शहीद सैनिक कैलाश कुमार चोयल का फोटो: पत्रिका

Rajasthan News: नागौर जिले के जायल क्षेत्र के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। ग्राम पंचायत दुगोली के राजस्व गांव रामपुरा अ निवासी सैनिक कैलाश कुमार चोयल का मंगलवार को दिल्ली के आर्मी अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। कैलाश कुमार भारतीय सेना की 8 ग्रेनेडियर बटालियन में सिपाही के पद पर कार्यरत थे और उनकी तैनाती देश की सबसे कठिन सैन्य चौकियों में से एक सियाचिन ग्लेशियर लेह-लद्दाख क्षेत्र में थी।

जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण उन्हें उपचार के लिए दिल्ली के आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया था। चिकित्सकों की लगातार निगरानी और बेहतर इलाज के प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

उपखंड अधिकारी रजत के अनुसार शहीद कैलाश कुमार चोयल का पार्थिव देह आज यानी बुधवार को शाम करीब 5 बजे गुड़गांव से नागौर जिले के जायल में पहुंचेगा। इसके बाद तिरंगा रैली के साथ उनके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव रामपुरा ले जाया जाएगा। रैली के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। गांव पहुंचने पर लोगों को अंतिम दर्शन करवाए जाएंगे, जिसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

2018 में सेना में हुए थे भर्ती

गांव में सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। कैलाश कुमार साल 2018 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। सेना में भर्ती होकर उन्होंने देश सेवा का सपना पूरा किया और पूरी निष्ठा, समर्पण तथा साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। वे अपने मिलनसार स्वभाव, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे। गांव के युवाओं के लिए भी वे प्रेरणा का स्रोत थे। युवा उन्हें देखकर सेना में भर्ती होने का सपना संजोते थे।

साल 2017 में उनका विवाह निकटवर्ती सिलनवाद गांव की जेता देवी के साथ हुआ था। उनके पिता जेठाराम का कुछ समय पहले निधन हो चुका है। परिवार में उनकी माता इंद्रा देवी, पत्नी जेता देवी, बड़े भाई रामेश्वर लाल और बहन यशोदा हैं। कैलाश के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके निधन की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर है और हर आंख नम दिखाई दी।

Updated on:
03 Jun 2026 02:17 pm
Published on:
03 Jun 2026 02:14 pm