
राजस्थान के नागौर शहर के बड़ली क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ आबादी क्षेत्र के पास स्थित एक पटाखों के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई, जिसमें झुलसने से मुस्लिम समाज के दो युवकों की असमय और दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया और मातम का सन्नाटा पसर गया।
हादसे की सूचना मिलते ही नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद वे मृतकों के नमाज़-ए-जनाज़ा में शामिल हुए, जहाँ माहौल बेहद गमगीन और भावुक नजर आया।
पटाखा गोदाम में हुई इस भीषण आगजनी में दो परिवारों के चिराग बुझ जाने के बाद जब सांसद हनुमान बेनीवाल मृतकों के घर पहुंचे, तो शोकाकुल और बिलख रहे परिजन उनसे लिपटकर रो पड़े। सांसद ने भावुक माहौल के बीच परिजनों को गले लगाया और उन्हें ढांढस बंधाया। इसके बाद वे दोनों दिवंगत युवकों की नमाज़-ए-जनाज़ा में शरीक हुए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। बेनीवाल ने कहा कि इस असीम दुख की घड़ी में उनकी गहरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।
घटनास्थल का जायजा लेने के बाद सांसद हनुमान बेनीवाल ने नागौर पुलिस, जिला प्रशासन और इंटेलिजेंस की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि घनी आबादी क्षेत्र के पास भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और पटाखों का भंडारण होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा धब्बा है। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
सांसद बेनीवाल ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) और राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त को पत्र लिखा है।
मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद बेनीवाल ने राजस्थान की भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासनिक रवैये पर कड़ा हमला बोला:
"जिला मुख्यालय पर इतनी बड़ी भीषण आगजनी की घटना में दो लोगों की जान चली गई, लेकिन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अभी तक जिला कलेक्टर एवं कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक (SP) घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। मैं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पूछना चाहता हूँ कि जब जिला मुख्यालय पर ही जिम्मेदार अफसर पीड़ितों के बीच जाने और राहत कार्यों की निगरानी करने की जिम्मेदारी नहीं निभाते, तो दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में संवेदनशीलता की क्या उम्मीद की जाए?"
दोनों मृतक युवकों के पीड़ित परिवारों को तुरंत उचित और भारी मुआवजा दिया जाए।
पीड़ित परिवारों को हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध करवाई जाए।
आबादी क्षेत्रों में अवैध पटाखों के भंडारण और गोदामों पर तुरंत सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।