
दिनेश कुमार स्वामी @ नागौर. प्रदेश में मकराना मार्बल, लाइमस्टोन, सैंडस्टोन तथा अन्य खनिजों व पत्थरों के अवैध खनन ने बारूद का काला कारोबार खड़ा कर दिया है। नागौर, मकराना, परबतसर, डीडवाना और कुचामन के खनन क्षेत्र में अवैध रूप से विस्फोटकों की पूरी आपूर्ति चेन बन गई है। इसे लेकर पुलिस, एटीएस और एनआइए जैसी एजेंसियां भी चिंतित है।
खदानों में पत्थर काटने और चट्टानों को तोड़ने के लिए ब्लास्टिंग के लिए डेंजर एक्सप्लोसिव, कैंडल व गुल्ले, डेटोनेटर, अमोनियम नाइट्रेट व रेड वायर की जरूरत पड़ती है। इसके लिए लाइसेंस पर विस्फोटक सामग्री सुरक्षा मापदंडों के अधीन आपूर्ति होते है। खदान से लेकर आपूर्ति तक का पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है, लेकिन अवैध खनन के लिए तय प्रक्रिया के तहत इन्हें लेना संभव नहीं होता। ऐसे में अवैध खनन के साथ विस्फोटकों का अवैध कारोबार भी पनप गया है। नियमानुसार बेचने के साथ इन विस्फोटक का उपयोग भी लाइसेंसी की निगरानी में करने का प्रावधान है। इस दौरान सुरक्षा वेन भी मौके पर रहनी चाहिए।
भारत में विस्फोटकों पर नियंत्रण एक्सप्लोसिव एक्ट-1884 और एक्सप्लोसिव रूल- 2008 के तहत किया जाता है। इनकी निगरानी पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (पीईएसओ) रखता है। कोई भी व्यक्ति, ठेकेदार या खान मालिक बिना लाइसेंस विस्फोटकों की खरीद, बिक्री, भंडारण या परिवहन नहीं कर सकता। परिवहन के लिए भी सुरक्षा प्रोटोकॉल की पालना करना जरूरी हैं।
नागौर व डीडवाना-कुचामन जिले में बीते छह महीने में अवैध विस्फोटक बरामदगी की कई कार्रवाई हुई है। पुलिस, एटीएस और एनआइए तक इन मामलों की जांच कर रही है। फिर भी इसकी अनधिकृत सप्लाई नेटवर्क को नहीं तोड़ पाए है। नागौर पुलिस ने 21 दिसम्बर 2025 को प्रेसनोट में तो खींवसर थाना क्षेत्र में केवल सैन्य उपयोग में ही लिए जा सकने वाले एक्सप्लोसिव को बरामद करने का दावा किया। इसके निर्माण, उपयोग एवं आयात पर पूर्ण प्रतिबंध है।
खनन मामलों के जानकार देवेन्द्र सिंह के अनुसार खनन प्रधान क्षेत्रों में डिजिटल ट्रैकिंग, नियमित जांच, लाइसेंस धारकों के विस्फोटक उपयोग की निगरानी और पुलिस व खनन विभाग के बीच समन्वय से एक्सप्लोसिव के अवैध कारोबार को रोका जा सकता है। यह मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा, अवैध कारोबार और पर्यावरण से भी जुड़ा हुआ है।
10,000 किलो अमोनियम नाइट्रेट (187 कट्टे)
9 कार्टन डेटोनेटर
35 विस्फोटक गुल्ले
06 पैकेट एपी एसओडी
1 जीप विस्फोटक से भरी
2200 गुल्ले व कैंडल
150 डेटोनेटर व सेफ्टी फ्यूज
34 एक्सप्लोसिव गुल्ले
35 मीटर रेड वायर
354 एक्सप्लोसिव87 डेटोनेटर, 302 मीटर बत्ती वायर---- 21 दिसंबर 2025, ताडावास थाना खींवसर125 ग्राम 25 एमएम एक्सप्लोसिव
1000 फीट रेड वायर व डेटोनेटर
जिले में अब तक जो भी अवैध विस्फोटक सामग्री व अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया गया है, उनमें से ज्यादातर की पुलिस जांच में विस्फोटक सामग्री मैगजीन से लाने की बात सामने आई है। संबंधित मैगजीन लाइसेंसधारी के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले में 35 से अधिक मैगजीन लाइसेंसधारी हैं।
- आशाराम चौधरी, कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक नागौर