नागौर

इस तकनीक को अपनाएं तो मिल सकता है खोया या चोरी हुआ मोबाइल

राजस्थान में नागौर कोतवाली पुलिस ने तीन माह में ट्रेस किए चार दर्जन मोबाइल

2 min read
Apr 11, 2018
Will have to take online creation permission

नागौर. मोबाइल फोन आम आदमी की जिन्दगी का हिस्सा बन गया है और उसके बिना उसके क्रिया कलाप अधूरे से लगते हैं। कभी यूजर्स की लापरवाही से मोबाइल खोने तो कभी चोरी होने के बाद सबसे मुश्किल काम है कॉन्टेक्ट नम्बर व डाटा को पाना। मोबाइल नहीं होने पर व्यक्ति उन लोगों से सम्पर्क नहीं कर पाता, जिनके नम्बर मोबाइल फोन या सिम में सेव थे। इसके लिए यूजर्स को चाहिए कि वे अपने कॉन्टेक्ट नम्बर जीमेल या किसी एप में सेव करके रखें ताकि दूसरे मोबाइल में लॉगिन करने पर सारे नम्बर मिल सके। इसके अलावा ट्रेकर व गुगल लोकेशन का उपयोग से भी मोबाइल की लोकेशन देखने में मदद मिल सकती है।
ट्रेकर व गुगल लोकेशन का उपयोग करें
शहर में मोबाइल चोरी, गुम होना व स्नेचिंग संबंधी शिकायतें अक्सर थानों में दर्ज होती है। पुलिस की साइबर टीम तकनाकी जांच के आधार पर मोबाइल ट्रेस करती है। हर माह कई मोबाइल ट्रेस होते हंै। माल जब्ती के बाद उसे शिकायतकर्ता से संबंधित थाने भेजा जाता है, ताकि उन्हें आसानी से गुम मोबाइल मिल सके। पुलिस का मानना है कि कई लोग मोबाइल सेफ्टी के लिए ट्रेकर व गुगल लोकेशन का उपयोग करते हैं। ऐसे में गुम मोबाइल की मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
साइबर टीम करती है ट्रेस
कोतवाली पुलिस ने हादसे के दौरान खोया एक मोबाइल मृतक के परिजनों को लौटाया है। जानकारी के अनुसार गत चार माह पहले फरड़ौद के पास हुए हादसे में भवानी सिंह की मौत हो गई थी। हादसे के बाद उधर से गुजर रहा एक व्यक्ति उसका मोबाइल उठा ले गया। कोतवाली पुलिस में मृतक के भाई गोरधन सिंह की ओर से दर्ज रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए साइबर एक्सपर्ट कांस्टेबल माधाराम ने टीम की मदद से लोकेशन टे्रस कर मोबाइल काम में ले रहे उपभोक्ता से सम्पर्क कर मोबाइल बरामद कर लिया। पुलिस ने मोबाइल गोरधनसिंह के सुपुर्द किया है।
अब तक 50 मोबाइल लौटाए
इसी प्रकार सदर थाना पुलिस ने भी बालवा के कृष्णपुरा निवासी अखाराम चौधरी का मोबाइल ट्रेस कर उसे लौटाया। थाने के कांस्टेबल ओमप्रकाश जाखड़ व ओमप्रकाश डोडवाडिय़ा ने पीडि़त की ओर से दर्ज रिपोर्ट के बाद मोबाइल की लोकेेशन ट्रेस की। मोबाइल के दिल्ली क्षेत्र में उपयोग लिए जाने की जानकारी मिलने पर दिल्ली से मोबाइल बरामद कर अखाराम को सौंप दिया। गौरतलब है कि नागौर कोतवाली पुलिस ने गत तीन माह में करीब 50 लोगों को खोए हुए या चोरी गए मोबाइल टे्रस कर लौटाएं हैं।

ये भी पढ़ें

जन सुनवाई के दौरान अधिकारियों के खिलाफ फूटा शहरवासियों का गुस्सा
Published on:
11 Apr 2018 05:37 pm
Also Read
View All