Nathi Devi Murder Case: नागौर में पादूकलां थाना क्षेत्र के पचरंडा गांव की सरहद में 70 साल की बुजुर्ग महिला की हत्या मामले में बुधवार को पुलिस ने महिला के बचे हुए अंग बरामद कर लिए हैं। दरअसल, पालड़ी गांव की निवासी नाथी देवी बावरी का शव 16 मार्च को पचरंडा गांव की सरहद में प्लास्टिक के कट्टे में मिला था।
Nathi Devi Murder Case Nagaur: डेगाना/पादूकलां: नागौर जिले में डेगाना तहसील के पालड़ी कलां गांव में 75 साल की नाथी देवी बावरी की निर्मम हत्या के मामले में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पुलिस ने तीन दिन के सर्च ऑपरेशन के बाद महिला के कटे हुए अंग बरामद कर लिए।
इसके बाद प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बनने पर तीन दिन से चल रहा धरना समाप्त हुआ तथा पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शाम को परिजन ने महिला का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस ने कुछ नजदीकियों को हिरासत में लिया है। जमीनी विवाद में हत्या की आशंका भी है।
हत्या के बाद आरोपियों ने महिला के हाथ, पैर और सिर काटकर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए थे। पुलिस ने डॉग स्क्वॉड, ड्रोन कैमरों और तकनीकी टीम की मदद से लगातार सर्च अभियान चलाया।
बुधवार को पालड़ी कलां से करीब पांच किलोमीटर दूर जंगल में शरीर के अंग बरामद किए गए। जबकि पैर के पंजे शव मिलने की जगह से 2 किमी दूर बरामद हुए। हालांकि, सिर को जंगली जानवरों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। मौके से बाल और बालों में फंसा सोने का झुमका भी मिला।
घटना के विरोध में डेगाना उप जिला अस्पताल के बाहर परिजन और ग्रामीण धरने पर बैठे थे। उनकी मांग थी कि आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। बुधवार शाम को अंग बरामद होने और प्रशासन द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद वार्ता सफल रही।
धरने में आरएलपी के वरिष्ठ नेता लक्ष्मण सिंह मुवाल, पूर्व सरपंच पन्नाराम काला (निम्बड़ी), युवा कांग्रेस नेता सीताराम बिंदा, आरएलपी नेता अशोक टांडी, रेखाराम भाम्बू गौरेड़ी, राकेश महिया, डेगाना शहर कांग्रेस अध्यक्ष हारून रशीद, एडवोकेट हर्षा चौधरी, हरीश भुकर, शाहिद सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
परिजन ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, कड़ी सजा, अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई, 50 लाख रुपए मुआवजा, एक परिजन को सरकारी नौकरी, लूटे गए गहनों की बरामदगी की मांग की, जिसके बाद प्रशासन ने प्रशासन ने मांगों को सरकार तक भेजने, 5 लाख रुपए की सहायता दिलाने और जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतका के नाम करीब 30 बीघा जमीन थी, जिसे लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। पुलिस को आशंका है कि इसी विवाद के चलते हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। कुछ नजदीकी रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे दिन पुलिस और प्रशासन अलर्ट रहा। आईजी अजमेर रेंज राजेंद्र सिंह चौधरी, नागौर एसपी रोशन मीणा, एडिशनल एसपी नूर मोहम्मद, डेगाना डीएसपी जयप्रकाश बेनीवाल, सीआई हरीश कुमार सांखला सहित डेगाना, पादुकला और आसपास के थानों का भारी पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात रहा। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरएसी सहित भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में अहम सुराग मिले हैं और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। धरना समाप्त होने के बाद अब पुलिस का पूरा फोकस हत्याकांड के खुलासे और आरोपियों को पकड़ने पर है। इस जघन्य हत्या से पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने दोषियों को कड़ी सजा देने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
कटा हुआ सिर, हाथ-पैर मिलने के बाद ग्रामीणों और परिजनों की समझाइश से सहमति बनी। इसके बाद शव का पोस्टमॉर्टम करवा कर तीन दिनों से चल रहा गतिरोध समाप्त किया गया।
-मोहन चौधरी, एसडीएम
डॉग स्क्वॉड, ड्रोन कैमरों और तकनीकी सहायता से सर्च अभियान चलाया गया। घटना स्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर सिर, पैर, बाल और कानों का झुमका बरामद हुआ।
-नूर मोहम्मद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक