नागौर

पुलिस ‘पस्त’ तो चोरों की ‘गश्त’ तेज

- शिक्षा ही नहीं खुदा के घर में भी सेंधमारी

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Mar 13, 2018
चोरों द्वारा तोड़े गए स्कूल के ताले

नागौर. शहर में चोर मुस्तैदी से 'गश्त' पर हैं। नकबजनों को नहीं पकड़ सकने वाली पुलिस अब रिपोर्ट तक दर्ज करने में 'घबरा' रही है। अलग-अलग बहानों के बीच कई पीडि़तों को यह तक सुनना पड़ रहा है कि ' अरे चोरी में तो लाखों का माल जाता है, तुम तो ताला तोडऩे पर ही आ गए'। और तो और कहीं बदनामी का डर तो कहीं बेवजह फंसने की सलाह से 'फरियादी' बिना रिपोर्ट दर्ज कराए घर लौट रहे हैं। चोरी की वारदातें दिन-दूनी, रात-चौगुनी बढ़ती जा रही हैं। उस पर आलम यह है कि पुलिस का इतना बड़ा महकमा चोरों का सुराग लगाने में असफल ही रहता है।
लाइट भी ले गए
पास में कब्रिस्तान होने पर नगर परिषद की ओर से रोड लाइट लगावाई थी। किसी प्रकार की गश्त नहीं होने के कारण कुछ असामाजिक तत्व इन्हें भी ले गए।
स्कूल बदनाम हो सकता है
सूफी साहब की दरगाह के पास स्थित सुलत्तानुतारेकिन शिक्षण संस्था स्कूल के ऑफिस व स्टॉफ रूम के ताले टूटे। इस पर स्टॉफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाने गया। तो वहां जिम्मेदार पुलिस ने जो कहा, उसे सुनकर भौचक्के रह गए। एक पुलिसकर्मी का कहना था कि आपके यहां पर तो केवल ताले ही टूटे हैं, शहर में तो लाखों रुपए की चोरियां हो रही है। अगर आप रिपोर्ट दर्ज करवाते हो तो आपके स्कूल का नाम बदनाम हो सकता है। यह कहकर स्कूल के कर्मचारियों से कागज पर लिखी शिकायत लेकर रवाना कर दिया। जब स्टाफ ने पुलिस से रसीद मांगी तो पुलिसकर्मियों का कहना था कि आपका काम हो गया। कुछ देर में बीट अधिकारी तहकीकात करने आ जाएंगे। बावजूद इसके शाम तक ना तो कोई अधिकारी आया ना किसी ने बात की।
धार्मिक स्थलों पर बढ़ी चोरियां
अब चोरों के निशाने पर धार्मिक स्थल ज्यादा हैं। नकाश दरवाजा स्थित जैन मंदिर में दो मूर्तियां चोरी हुई। इसमें से एक मूर्ति युवकों को मिली, जिन्होंने इसे कलक्टर के पास जमा करवाया। आलम यह कि उस दौरान फूल रही कोतवाली पुलिस दूसरी मूर्ति का अब तक पता नहीं लगा पाई है। इंदास स्थित वीर तेजा मंदिर तथा हनुमान बाग स्थित हनुमान मंदिर को भी निशाना बनाया गया, लेकिन पुलिस इसका पर्दाफाश करने में भी विफल रही।
दरगाह के भी ताले टूटे
चोरों ने स्कूल के पास बनी हजरत सूफी हमीदुद्दीन मगरीबी की दरगाह में भी चोरी करने का प्रयास किया। चोरों ने गल्ले पर लगे दो तालों में से एक ताले को तोड़ दिया। दूसरा ताला नहीं टूटा इस वजह से दरगाह का दान-पात्र बच गया।

जुआ-सट्टा भी एक कारण
कई लोगों से बातचीत में चोरी की बढ़ती घटनाओं के पीछे जुआ-सट्टा भी सामने आ रहा है। बताया जाता है कि क्षेत्र में काफी ज्यादा संख्या में लोग जुआ-सट्टा खेलते हैं जिससे दरगाह की भी बदनामी होती है। पुलिस केवल नाम मात्र कार्रवाई करती है। यहां के लोगों का कहना है कि रोजाना यहां शराब की बोतल, डोडे, चिलम, गांजे पीने वाले ही नहीं कई तरह के संदिग्ध लोग बैठते हैं। कुछ दिनों पूर्व यहां पर चौकीदार भी लगाया, लेकिन वो भी नौकरी छोड़कर चला गया।
रवाना कर दिया
स्कूल आए तो ताले टूटे हुए मिले, रिपोर्ट दर्ज करवाने कोतवाली गए तो वहां प्रभारी रामेश्वरलाल सारस्वत का कहना था कि छोटी-मोटी घटनाएं तो होती रहती है। आपके स्कूल का नाम बदनाम हो सकता है। रिपोर्ट क्यों करते हो और इसके बाद कागज लेकर यह गश्त का आश्वासन दिया।
मोहम्मद सलीम, प्रधानाध्यापक सुलत्तानुतारेकिन स्कूल, नागौर

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Published on:
13 Mar 2018 12:53 pm
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