नागौर

नागौर का सीवरेज वाटर भरेगा परिषद की तिजोरी, सालाना होगी 13 लाख की कमाई

नागौर शहरी क्षेत्र से निकलने वाले सीवरेज के पानी को शोधित कर पुन: उपयोग में लेने की योजना पर कार्य शुरू हो गया है। अब सीमेंट प्लांट के साथ नगर परिषद ने अनुबंध किया है। जिसके तहत नगर परिषद को शो​धित पानी देने के बदले सालाना 12 लाख रुपए मिलेंगे।
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Aug 11, 2026
नागौर के एसटीपी प्लांट का निरीक्षण करते अ​धिकारी।
नागौर के एसटीपी प्लांट का निरीक्षण करते अ​धिकारी।

नागौर. शहरी क्षेत्र से निकलने वाले सीवरेज के पानी को शोधित कर पुन: उपयोग में लेने योग्य बनाने से अब नगर परिषद को आय भी होने लगेगी। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से शाधित किए पानी को परिषद 3 रुपए प्रति किलोलीटर की दर से बेचेगी। बालवा रोड एसटीपी से रोजाना 12 लाख लीटर पानी सीमेंट प्लांट को दिया जाएगा। परिषद ने इसके लिए अनुबंध कर लिया है। इससे रोजाना 3600 रुपए और करीब 1 लाख 8 हजार रुपए मासिक आय होगी। सालाना करीब 13 लाख 14 हजार रुपए नगर परिषद के खजाने में आएंगे।

पांच प्रतिशत की दर से बढ़ेगा सालाना राजस्व

नगर परिषद नागौर शोधित पानी को बेचने की दर में सालाना पांच प्रतिशत की वृद्धि करेगी। इससे परिषद की सालाना आय में बढ़ोत्तरी भी होती रहेगी। इस आय को सीवरेज व्यवस्था में सुधार, शहर में सफाई और विकास कार्यों पर खर्च किया जा सकेगा। एसटीपी से पाइप के माध्यम से सीधे सीमेंट प्लांट तक पानी पहुंचाया जाएगा।

बालवा रोड के क्षेत्र में कम होगी समस्या

एसटीपी के शोधित पानी का उपयोग शुरू होने से जलभराव से प्रभावित क्षेत्र को भी राहत मिलेगी। एसटीपी से निकलने वाले पानी की टेस्टिंग शुरू हो चुकी है। शोधित पानी के औद्योगिक उपयोग की इस शुरुआत से भविष्य में परिषद ऐसे और अनुबंध भी करेगी।

अधिकारियों ने लिया जायजा

एसटीपी के पानी को सीमेंट प्लांट तक पहुंचाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उपखंड अधिकारी गोविंद सिंह भींचर ने तकनीकी अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच कर व्यवस्थाओं काे देखा।

शोधित पानी से कमाई पर एक नजर

प्रतिदिन : 3600 रुपए

मासिक : 1 लाख 8 हजार रुपए

सालाना : 13 लाख 14 हजार रुपए

वृदि्ध : 5 प्रतिशत सालाना की दर से

शोधित पानी का होगा उपयोग

नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त गोविंद सिंह भींचर ने बताया कि एसटीपी के उपचारित पानी का उपयोग औद्योगिक कार्यों में होने से नगर परिषद को आय प्राप्त होगी। इससे सीवरेज व्यवस्था के बेहतर संचालन के साथ विकास कार्यों के लिए धन की उपलब्धता बढ़ेगी।

Updated on:
11 Aug 2026 12:33 pm
Published on:
11 Aug 2026 12:33 pm