
मेड़ता सिटी। धार्मिक मीरा नगरी में ठगों के नए पैंतरे सामने आ रहे हैं। सम्मोहन के भ्रमजाल में फंसाकर गहने लूटे जा रहे हैं। इस गैंग में महिला और पुरुष, दोनों ही शामिल है। एक सप्ताह के अंदर-अंदर ऐसी दूसरी वारदात सामने आई है। इनके निशाने पर महिलाएं ही है। ऐसे में महिलाएं अगर घर से बाहर जाती है तो सावधान रहने की जरूरत हैं। यह ठग अपनी बातों में उलझाकर शिकार बना सकते हैं। मेड़ता पुलिस को भी इन मामलों में सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।
इस सप्ताह से ही यह गिरोह सक्रिय हुआ है। जो बातों में उलझाकर, कुछ सुंघाकर या फिर किसी दूसरे तरीके से सम्मोहित करके महिलाओं के पहने हुए गहने उतरवा लेते हैं और वहां से रफ्फूचक्कर हो जाते हैं। शिकार हुई महिलाओं को भी कुछ देर बात में पता चलता है कि उनके साथ क्या हुआ है। जब तक वो ठग वहां से भाग जाते हैं। ऐसी ही एक घटना दो दिन पहले एक महिला के साथ हुई।
दरअसल, ईग्यासनी हॉल सिविल लाइन मेड़ता सिटी निवासी रूपसिंह की पत्नी सुमन (35) सब्जी सहित घर का सामान लेने के लिए बाजार गई थी। तभी उसके पास एक युवती जिसकी उम्र भी 30-35 साल व उसके साथ एक 11-12 की बच्ची आती है। जो पीड़िता सुमन को कहती है कि ‘दीदी हमें बस स्टेशन का रास्ता दिखाओ।’ तभी उन्होंने एक सफेद रुमालनुमा कपड़े को मेरे सामने झटका और मुझे साथ में चलने को कहा। उसी समय मुझे चक्कर आने लग गए और कुछ होश नहीं रहा। मैंने पहले मना कर दिया लेकिन बाद में मुझे पता नहीं चला और मैं उसके साथ-साथ चलती रही।
सुमन के पति आइस्क्रीम विक्रेता रूपसिंह ने बताया कि घटना के बीच मैं बार-बार फोन लगाकर पूछ रहा था कि बहुत देर हो गई है, तुम अभी तक घर नहीं गई। घर पर बच्चे अकेले हैं। तब पत्नी ने मुझे यहीं जवाब दिया कि ’’मैं बाद में कॉल करती हूं’, ’’हां-हां बस पहुंच ही रही हूं।’ इतना कहकर वो फोन काट देती। इसके बाद ठग युवती साढ़े 7 बजे करीब मुझे बस स्टैंड के पास खड़ा करके चली गई। 8 बजे के करीब मुझे थोड़ा बहुत होश आया तो पता चला कि घर पर बच्चे अकेले हैं, तब मैं जल्द से घर पहुंची। घर पहुंचने के बाद उस रुमाल को खोला जो युवती ने मुझे दिया था तो उसमें कुछ नहीं था।
कुछ इस तरह की वारदात 18 फरवरी को पुष्करणा समाज भवन-जैन उपासरे के पास हुई थी। जहां प्रमोशन होने पर अंशदान देने का कहकर एक महिला को अपनी बातों में उलझाया। फिर उसके साथ एक वृद्धा के घर पहुंचे। जहां उस महिला को एक कमरे में जाने का कहकर वृद्धा को बातों में उलझाकर कुछ सुंघाते हुए सम्मोहित करके हाथों के कंगन और गले की चेन निकाल ली थी।
थाने में दर्ज रिपोर्ट में पीड़ित महिला ने बताया कि ठगी करने वाली युवती ने पहले एक दुकान के सामने बैठकर मुझसे अपने कान में पहने वाले ईयर रिंग्स खुलवा लिए। इसके बाद मैं उनके पीछे-पीछे जाने लगी और बस स्टैंड होते हुए पब्लिक पार्क जाने वाली रोड पर एक दुकान के सामने करीब आधा घंटा बैठा रही। उसने मेरे सामने फिर से वैसा ही कपड़ा झड़काया और कुछ देर बात वहीं मेरे गले का लॉकेट खुलवा लिया।
इन दिनों में शहर में सम्मोहित करके लूट वारात को अंजाम देने वाली गैंग सक्रिय है। जो महिलाओं को निशाना बना रही है। ऐसे में महिलाओं को सचेत रहने की जरूरत है। घर से बाहर जाए तो किसी अनजान महिला-पुरुष से बात ना करें और उसी वक्त दूर हो जाए। संभव हो तो बाहर कीमती सोने की ज्वैलरी ना पहनकर जाएं। यह ठग ऐसी महिलाओं को ही शिकार बनाते हैं जिनके ज्वैलरी पहनी होती है।