ग्रामीणों ने जनसहयोग से पुलिस महकमे को दान दी थी जमीन, भवन के लिए स्वीकृत बजट हुआ लैप्स, अब बजट का इंतजार
मौलासर. करीब पन्द्रह साल पूर्व मौलासर थाने के ग्राम सुदरासन में खुली पुलिस चौकी की हालत बुरी है। एक दर्जन गावों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली यह चौकी बस स्टैंड पर बालाजी मंदिर की दुकानों में बने यात्री विश्रामग्रह में संचालित हो रही है। चौकी का पूरा कामकाज महज एक कमरे मे चल रहा है। पुलिस चौकी वर्ष 2003 में विधिवत रूप से शुरू हुई थी। संचालन शुरू होने के बाद क्षेत्र में अपराधों में भी कमी दर्ज की गई, लेकिन जगह की कमी के कारण न केवल चौकी के संचालन में परेशानी आ रही है । पुलिस सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुदरासन में चौकी स्वीकृत होने के बाद भवन बनाने के लिए काफी समय तक जमीन नही मिली। जिसके कारण चौकी भवन निर्माण के लिए स्वीकृत हुआ बजट लैप्स हो गया। हालांकि बाद में ग्रामीणों ने जनसहयोग से डीडवाना सडक़ मार्ग पर करीब 1 बीघा, 1 बीस्वा जमीन खरीदकर पुलिस महकमे को सौंप दी थी, लेकिन अब बजट पास नही हो रहा है। चौकी इंजार्च जगदीशप्रसाद मीणा का कहना है कि चौकी के नए भवन का नक्शा बनवाकर तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों से लगभग 75 लाख का एस्टीमेट भी बनवाकर पुलिस अधिकारियों के पास भेजा है।
इन गावों की सुरक्षा का है जिम्मा
मौलासर थाना क्षेत्र के ग्राम सुदरासन, क्यामसर, नुवां, पासली, सरदारपुरा, तोलियासर, छोटीबेरी, मोडिय़ावट सहित करीब एक दर्जन से अधिक गांवों की सुरक्षा का जिम्मा सुदरासन चौकी के अधिन का है। वही यदि चौकी का भवन प्रस्तावति जगह पर बन जाता है तो चौकी में फरियादियों के अलावा पुलिसकर्मियों का भी सुविधा मिलेगी।
दानदाताओं का दर्द
ग्रामीण भागीरथ यादव सहित लोगों ने बताया कि पहले पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि आप के गांव में चौकी के भवन निर्माण के लिए बजट आया हुआ है, आप जमीन दे दो तो यहां पुलिस चौकी बन जाएगी। जिस पर सरपंच व ग्रामीणों ने अपने स्तर पर दानदाताओं से पैसे एकत्रित किए तथा पुलिस महकमे को करीब एक बीघा जमीन खरीद कर दी थी। जमीन पर भवन नही बनने से ग्रामीणों में आज भी निराशा है।
इनका कहना है:-
नए भवन एवं पुराने भवन रिपेयर के लिए जिले की 13 पुलिस चौकियों के प्रस्ताव बनाकर विभाग व सरकार को भेजे गए हैं। इनमें मौलासर थाने की सुदरासन चौकी भी शामिल है। बजट स्वीकृती के बाद ही पुलिस चौकी का नया भवन बनना संभव होगा। - परिस देशमुख, एसपी नागौर।