नागौर

बारदाना की कमी से रुकी खरीद, किसानों ने किया प्रदर्शन

-सोमवार से खरीद शुरू होने के आश्वासन पर माने किसान

2 min read
Dec 30, 2017
Nagaur patrika
What a joke, it stopped in two hours only

मेड़ता सिटी.यहां रीको इंडस्ट्रीज एरिया स्थित तिलम संघ में संचालित हो रहे सरकारी समर्थन मूल्य मूंग खरीद केंद्र पर शनिवार को सैकड़ों की संख्या में किसान पहुंच और बारदान की कमी की वजह से रुकी हुई मूंग खरीद शुरू नहीं होने पर प्रदर्शन किया। केंद्र की ओर से सोमवार से खरीद शुरू कर दिए जाने के आश्वासन पर किसान माने।
तिलम संघ स्थित सरकारी समर्थन मूल्य केंद्र पर बारदान की कमी की वजह से मूंग खरीद कार्य रुका हुआ है। खरीद प्रक्रियां फिर से शुरू नहीं होने पर सैकड़ों किसान दोपहर 3 बजे करीब सरकारी समर्थन मूल्य केंद्र पर पहुंच गए और रोष जताते हुए विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों के प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और किसानों से समझाइश की कोशिश की। इस दौरान केंद्र प्रभारी धन्नालाल नागर ने पुलिस के साथ किसानों को कहा कि केंद्र पर 7 हजार 500 कट्टे बारदान के पहुंच गए है। सोमवार से केंद्र पर मूंग खरीद का कार्य शुरू कर दिया जाएगा, इस पर किसान मान गए। वहीं दूसरी तरफ बारदान की कमी की वजह से मेला मैदान स्थित फल-सब्जी मंडी में चल रहे सरकारी समर्थन मूल्य खरीद केंद्र पर भी मूंग की तुलाई का कार्य रुका हुआ है। यहां भी बारदान पहुंचने पर ही तुलाई का कार्य शुरू किया जा सकेगा।

सोमवार के लिए 68 किसानों को दिए टोकन
केंद्र प्रभारी नागर ने बताया कि सोमवार को तिलम सिंघ स्थित सरकारी समर्थन मूल्य खरीद केंद्र पर मूंग तुलाई का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए 68 किसानों को नए टोकन जारी किए गए है। सोमवार को इन टोकनधारी किसानों के माल की ही तुलाई होगी। केंद्र के पास बारदान अपर्याप्त होने की वजह से अगले दिन मंगलवार को अब तक तुलाई से वंचित रहे करीब 30 से 35 किसानों के मूंग की तुलाई का कार्य किया जाएगा।

यूरिया की रैक पहुंची
मेड़ता सिटी. शहर के रेलवे स्टेशन यार्ड में शनिवार को चार माह बाद इफको यूरिया की रैक पहुंची। रैक पहुंचने के बाद रबी अभियान में जुटे किसानों को इफको यूरिया रैक मिल सकेगी।

इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक लालाराम चौधरी ने बताया कि गुजरात के कलोल स्थित इफको के संयंत्र से 62 हजार 640 कट्टों में 3132 मैट्रिक टन नीम कोटेड इफको यूरिया की रैक मेड़ता सिटी स्थित रेलवे यार्ड पर पहुंची। इस बार जिले में आईपीएल यूरिया का 2015 में किया गया सरकारी भंडारण खपाने के लिए इफको की रैक मंगवाने पर विभाग ने रोक लगा दी थी। इस दौरान किसानों को चार महीने तक इफको यूरिया नहीं मिल सका। जिले के अधिकांश किसान इफको यूरिया का ही खेती में उपयोग करते हैं, इस वजह से मजबूरन काश्तकारों को इफको यूरिया के लिए पड़ोसी जिले सीकर, जोधपुर , अजमेर व पाली से इफको यूरिया खरीदना पड़ा था। अब रैक के मेड़ता सिटी पहुंच जाने पर करीब चार महीने बाद किसानों को इफको यूरिया मिल सकेगा। इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि रबी अभियान में जुटे किसानों को इफको यूरिया की आपूर्ति हो सके, इसके लिए ट्रकों के माध्यम से जिले की सहकारी समितियों तक इफको यूरिया पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।

Published on:
30 Dec 2017 09:59 pm