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नागौर. पशुपालकों को आर्थिक संबल देने के उद्देश्य से शुरू की गई गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना अपने लक्ष्य से काफी पीछे रह गई है। राज्य सरकार ने वर्ष 2024-25 में 5 लाख गोपालकों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन हकीकत यह रही कि महज करीब 6 प्रतिशत यानी 33,929 गोपालकों तक ही योजना का लाभ पहुंच पाया। आंकड़े बताते हैं कि योजना की क्रियान्विति में कई स्तरों पर खामियां सामने आई हैं।
योजना के तहत कुल 1,00,749 आवेदन प्राप्त हुए, जो लक्ष्य का केवल 25 प्रतिशत ही हैं। इनमें से 37,463 आवेदनों को स्वीकृति मिली, जबकि अंतत: 33,929 गोपालकों को ही 221.14 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया जा सका। यानी स्वीकृत आवेदनों में भी करीब 33 प्रतिशत ही लाभार्थियों तक राशि पहुंच पाई। वहीं 2,270 आवेदन विभिन्न कारणों से निरस्त कर दिए गए।
3,534 को स्वीकृति के बावजूद नहीं मिला
राज्य सरकार की ओर से विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार 3,534 ऐसे मामले भी सामने आए, जिनमें ऋण स्वीकृत होने के बावजूद लाभार्थियों को राशि नहीं मिल सकी। इसके पीछे मुख्य कारण सहकारी बैंकों के पास बजट की कमी रही। इसके साथ योजना का प्रचार-प्रसार नहीं होना, अपूर्ण दस्तावेज, बैंक प्रक्रिया में देरी और लाभार्थियों के समय पर उपस्थित नहीं होने जैसे कारण बताए गए हैं। हालांकि इन कारणों ने योजना की क्रियान्विति पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना का सही तरीके से प्रचार-प्रसार होता और बैंकों को पर्याप्त बजट दिया जाता तो अधिक संख्या में पशुपालक इससे जुड़ सकते थे। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और बैंकिंग प्रक्रियाओं की जटिलता भी बड़ी बाधा बनी।
राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण वितरण योजना वर्ष 2024-25 की स्थिति
कुल लक्ष्य - 5 लाख
कुल आवेदन - एक लाख 749
निरस्त आवेदन - 2270
स्वीकृत आवेदन - 37,463
स्वीकृत राशि - 247.94 करोड़ रुपए
लाभान्वित आवेदक - 33,929
वितरित राशि - 221.14 करोड़ रुपए
नागौर में 1.40 फीसदी लक्ष्य पूरा
नागौर जिले में गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण वितरण योजना का हाल और भी बुरा रहा। जिले को 21,220 पशुपालकों को लाभान्वित करने का लक्ष्य दिया गया, जिसकी तुलना में मात्र 298 को लाभान्वित किया जा सका। यानी 1.40 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो पाया।
जानिए, क्या है गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना
गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना राजस्थान सरकार की ओर से पशुपालकों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के गोपालक परिवारों को बिना ब्याज के एक लाख रुपए तक का अल्पकालिक ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने पशुपालन व्यवसाय को और बेहतर बना सकें।
बैंक की वित्तीय स्थिति कमजोर
जिले में गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना का लक्ष्य पूरा नहीं होने की मुख्य वजह बैंक के पास बजट की कमी थी। साथ ही आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार बैंक की सीआरएआर 9 प्रतिशत से नीचे थी। ऐसी स्थिति में बैंक लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया।
- जयपाल गोदारा, प्रबंध निदेशक, द नागौर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, नागौर
Updated on:
28 Apr 2026 11:00 am
Published on:
28 Apr 2026 10:55 am
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