
डीडवाना/नागौर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के मतदान के दौरान बुधवार को डीडवाना और नागौर में विवाद और हंगामे घटनाएं सामने आई हैं। डीडवाना के वार्ड-11 में मतदान करने पहुंचे निर्दलीय विधायक यूनुस खान के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की गई। वहीं, नागौर के खत्रीपुरा मतदान केंद्र पर फर्जी मतदान के आरोप को लेकर दो गुटों में विवाद के बाद पथराव हो गया। दोनों घटनाओं के बाद मतदान केंद्रों पर पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई।
डीडवाना-कुचामन जिले के डीडवाना के वार्ड-11 स्थित देशवाली भवन मतदान केंद्र पर निर्दलीय विधायक यूनुस खान परिवार के साथ वोट डालने पहुंचे थे। इसी दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की होने की बात सामने आई है। विधायक यूनुस खान ने ने कांग्रेस और भाजपा के समर्थकों पर वोटर आईडी छीनने का आरोप लगाया। यूनुस खान ने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान उनके और परिवार के साथ यह तीसरी बार हमला हुआ है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन उन्हें सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई। विधायक ने आरोप लगाया कि बाहर से आए कुछ लोगों ने उनके और उनके परिवार के साथ धक्का-मुक्की की तथा आईडी और मतदान पर्ची फाड़ दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके परिवार के सदस्यों को वोट नहीं डालने दिया गया।
यूनुस खान ने भाजपा, कांग्रेस और पुलिस प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने एसपी को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए मतदान नहीं करने की बात कही। घटना की सूचना मिलने पर वृत्ताधिकारी उमेश गुप्ता और डीडवाना थानाधिकारी मोहन सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया।
इधर, नागौर के खत्रीपुरा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय-5 मतदान केंद्र के बाहर भी मतदान के दौरान हंगामा हो गया। यहां फर्जी मतदान के आरोप को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते कुछ युवकों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव के बाद मतदान केंद्र के आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षाबल मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। एहतियात के तौर पर मतदान केंद्र के बाहर पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गई।
हंगामे के बावजूद मतदान प्रक्रिया को रोका नहीं गया। पुलिस की मौजूदगी में मतदाता मतदान केंद्र पहुंचते रहे और अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। पथराव की घटना में फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। दोनों घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। चुनावी माहौल के बीच सामने आई इन घटनाओं को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज होने की संभावना है।