नागौर

फोटो -दो साल से खेल बजट पर ब्रेक, कैसे निखरेंगी खेल प्रतिभाएं

Aug 01, 2026
Rajasthan

- सरकारी स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताएं 30 अगस्त से शुरू
- खेल सामग्री के अभाव में भामाशाहों और जनसहयोग के भरोसे चल रही तैयारियां

पत्रिका ग्राउंड रिपोर्ट
रियांश्यामदास. शिक्षा विभाग ने 30 अगस्त से शुरू होने वाली स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताओं का पंचांग जारी कर दिया है। प्रतियोगिताओं की तैयारियां विद्यालय स्तर पर शुरू हो चुकी हैं, लेकिन जिले के राजकीय विद्यालयों में पिछले दो वर्षों से खेल मद की राशि जारी नहीं होने से खिलाड़ियों की तैयारी प्रभावित हो रही है। खेल सामग्री के अभाव में शारीरिक शिक्षकों के सामने खिलाड़ियों का नियमित पूर्वाभ्यास कराना बड़ी चुनौती बन गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों सहित जिले के अधिकांश सरकारी विद्यालयों में आवश्यक खेल उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में शारीरिक शिक्षक भामाशाहों, ग्रामीणों और स्थानीय जनसहयोग से खेल सामग्री जुटाकर खिलाड़ियों को अभ्यास करवा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि संसाधनों की कमी का सीधा असर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के प्रदर्शन और प्रतियोगिताओं की तैयारी पर पड़ रहा है।
जरूरत के अनुरूप सामग्री नहीं मिली
वर्ष 2025 में विभाग ने सभी विद्यालयों को करीब 25 हजार रुपए मूल्य की खेल सामग्री उपलब्ध करवाई गई थी। हालांकि कई स्कूलों में ऐसी खेल सामग्री भेजी गई, जिनके लिए मैदान तक उपलब्ध नहीं थे, जबकि जरूरत के अनुरूप उपकरण नहीं मिलने से उपलब्ध संसाधनों का भी समुचित उपयोग नहीं हो सका। इसके बाद से अब तक न तो नई खेल सामग्री भेजी गई और न ही खेल मद का बजट जारी किया गया।
लगातार दो वर्षों से बजट नहीं
विभागीय अधिकारियों के अनुसार सामान्यतः प्राथमिक विद्यालयों को 5 हजार, उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 9 हजार तथा माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों को 25 हजार रुपए खेल मद के तहत दिए जाते हैं, ताकि विद्यालय अपनी आवश्यकता के अनुसार खेल सामग्री खरीद सकें। लेकिन लगातार दो वर्षों से बजट नहीं मिलने से खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
भामाशाहों से मदद
पिछले दो वर्षों से खेल मद की राशि नहीं मिलने से आवश्यक खेल सामग्री खरीदना मुश्किल हो गया है। प्रतियोगिताएं 30 अगस्त से शुरू होनी हैं। संसाधनों के अभाव में खिलाड़ी नियमित अभ्यास नहीं कर पाते। भामाशाहों व ग्रामीणों से सहयोग लेते हैं। सरकार को शीघ्र खेल बजट जारी करना चाहिए।
फिरदोस बानो, शारीरिक शिक्षिका, राजकीय बालिका उमा.विद्यालय, कलरू

Updated on:
01 Aug 2026 06:01 am
Published on:
01 Aug 2026 06:01 am