
कुचामनसिटी. पशुपालन विभाग ने पशुगणना की तैयारी पूरी कर ली है। जल्द ही पशुगणना का कार्य शुरू हो जाएगा। हालांकि पशुगणना एक अक्टूबर से ही शुरू की जानी थी, लेकिन तकनीकी खामियों से पशुओं की गणना का कार्य शुरू नहीं हो सका। सूत्रों के अनुसार करीब एक सप्ताह के भीतर पशुगणना का कार्य शुरू हो जाएगा। जानकारी के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र के लिए 60 तथा शहरी क्षेत्र के लिए 12 प्रगणकों को लगाया गया है। ये प्रगणक पशुओं की गणना करेंगे। इस बार की पशुगणना डिजिटल तरीके से होगी। इसके लिए प्रगणकों को बकायदा टैबलेट दिए गए हैं, जिनसे वे पशुगणना का कार्य करेंगे।
गौरतलब है कि पिछली पशुगणना 2012 में (19वीं) शुरू हुई थी। इस गणना में नागौर जिले में पशुओं की संख्या 501590 आंकी गई थी। भैंस, भेड़, बकरी, घोड़ा-घोडिय़ां, गधे, ऊंट आदि को गणना में शामिल किया गया था। छह साल में पशुओं की संख्या एकाएक बढ़ गई है। ऐसे में इस बार पशुओं के बढऩे की संभावना है। इधर, पशुओं की संख्या अधिक होने से प्रगणकों के ऊपर कार्य का बहुत ज्यादा बोझ रहेगा। करीब पांच-छह दर्जन प्रगणकों को लाखों की संख्या में पशुओं की गणना करनी होगी।