Two Brothers Success Story : नागौर जिले के पालड़ी पिचकिया गांव के दो सगे भाइयों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। रामकुंवार जांगिड़ पुत्र हुकमाराम जांगिड़ का चयन आरएएस -2024 की परीक्षा में 356वीं रैंक के साथ हुआ है।
नागौर। जिले के पालड़ी पिचकिया गांव के दो सगे भाइयों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है । गांव के रामकुंवार जांगिड़ पुत्र हुकमाराम जांगिड़ का चयन आरएएस -2024 की परीक्षा में 356वीं रैंक के साथ हुआ है। इससे पहले वे आरएएस परीक्षा -2023 में 785वीं रैंक प्राप्त कर चुके हैं।
वर्तमान में वे कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के स्वयं अध्ययन (सेल्फ स्टडी) के माध्यम से यह सफलता अर्जित की, जो युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। वहीं उनके छोटे भाई दिलीप जांगिड़ का चयन स्कूल व्याख्याता परीक्षा 2024 में अंग्रेजी विषय से हुआ है। दोनों भाइयों की इस उपलब्धि पर ग्रामीणों ने उनका सम्मान कर खुशी जताई। ग्रामीणों ने दोनों भाइयों का सम्मान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर ग्रामीणों ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत और लगन से सफलता हासिल की जा सकती है, जिसका उदाहरण जांगिड़ परिवार ने प्रस्तुत किया है।
राजस्थान प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए युवाओं के गांवों में खुशी का माहौल है। विभिन्न समाजों की ओर से चयनित युवाओं का अभिनंदन किया जा रहा है। कार्यक्रमों में चयनित युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयार में जुटे युवाओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
गांव ढाढ़रिया खुर्द निवासी अध्यापक गोविंददान चारण के पुत्र धनंजयपाल सिंह आरएएस परीक्षा में चयनित होने पर गांव में खुशी का माहौल है। धनंजय वर्तमान में ग्राम विकास अधिकारी पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि यह उसका चौथा प्रयास था, जिसमें सफलता मिली।
धनंजय ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता तथा सभी पारिवारिक सदस्यों के साथ अपने छोटे भाई आईएएस जयंत चारण को दिया । उन्होंने बताया कि गांव में अभी तक किसी का भी राजस्थान प्रशासनिक सेवा में चयन नहीं हुआ है।
आरएएस 2024 परीक्षा में रामरतन बटेसर का 87वीं रैंक पर चयन हुआ है। रामरतन वर्तमान में सहकारी निरीक्षक का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इससे पूर्व रामरतन राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर थे। रविवार को मेजर डॉ. प्रेमसिंह बुगासरा, बलराम, कानसिंह, अशोक बेनीवाल, राजेन्द्र मिर्धा, धर्मपाल, सुनिल बुगासरा, दीपाराम, सुरेश पोटलिया आदि ने रामरतन का अभिनंदन किया।