सूचना के दो महीने बाद भी नहीं सुधरे लीकेज/कभी कभार देते पानी, वो भी बह जाता व्यर्थ
नागौर. सरकार भले ही लाखों-करोड़ों खर्च कर मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान में जल संरक्षण का दावा कर रही हो, लेकिन जलदाय विभाग के कर्मचारियों को जल संरक्षण से कोई सरोकार नहीं है। जल ही जीवन है.., जल है तो कल है..., जल की बर्बादी ना करें...जल की बचत करें..जैसे नारे किताबों व दीवारों की शोभा बढ़ा रहे हैं। धरातल पर अधिकारी व कर्मचारी जल की बर्बादी से इत्तेफाक नहीं रखते। सूचना के दो माह बाद तथा शिकायत दर्ज करवाने के 13 दिन बाद भी अधिकारियों व कर्मचारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। कर्मचारियों की लापरवाही की इससे ‘अच्छी’ बानगी क्या हो सकती है।
लीकेज दुरुस्ती में भी गड़बड़झाला
लीकेज सुधारने के नाम पर हर माह लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं। इसमें भी कर्मचारियों व ठेकेदार की मिली भगत का बड़ा खेल चलता है। लीकेज ठीक करने के नाम पर साइकिल का ट्यूब बांध देना आम बात है। शायद यही वजह है कि कुछ स्थानों पर बार-बार लीकेज होते हैं। बालवा रोड स्थित आवासन मंडल कॉलोनी में सप्ताह तो कभी पखवाड़ा में कभी कभार की जाने वाली जलापूर्ति में बह रहा पानी अधिकारियों की लापरवाही का ताजा उदाहरण है। सहायक अभियंता आरआर शर्मा व फीटर माणकचंद सांखला ने आज-कल आज-कल करते करते दो माह निकाल दिए, लेकिन लीकेज ठीक नहीं हुए। आलम यह है कि कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाने के 13 दिन बाद भी लीकेज नहीं सुधरे।
कलक्टर की भी नहीं सुनते
पिछले तीन साल में हनुमान बाग कॉलोनी के लोग यहां पद स्थापित हर एक जिला कलक्टर को अपनी पीड़ा बता चुके हैं। तत्कालीन कलक्टर वीणा प्रधान ने तो खुद मौका देखा और समस्या का समाधान करवाने की बात कही थी। गत दिनों जन सुनवाई के दौरान लोगों ने कलक्टर कुमारपाल गौतम को भी समस्या से अवगत कराया जिस पर उन्होंने जलदाय विभाग के एसई को पेयजलापूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कॉलोनी के ब्लॉक नम्बर सात के दस घरों में पेयजल समस्या से परेशान लोगों को मजबूरी में टेंकर से पानी मंगवाना पड़ता है। वार्ड पार्षद भी नगर परिषद की बैठक में कह चुकी हैं कि हनुमान बाग कॉलोनी में जलापूर्ति सुचारू नहीं है। पानी आता भी है तो महज चार-पांच बाल्टी आता है।
कल ही ठीक करवाएंगे
लीकेज की वजह से पानी व्यर्थ बह रहा है तो उचित नहीं है। कल ही संबंधित कर्मचारी को मौका दिखवाकर लीकेज दुरुस्त करवा देंगे।
प्रभातीलाल जाट, आयुक्त, नगर परिषद, नागौर
बोल तो दिया है
लीकेज ठीक करने के लिए ठेकेदार को बोल तो दिया है, वो ठीक करवा देगा। कल फिर बोलते हैं। जल्दी ठीक करवा देंगे।
आरआर शर्मा, सहायक अभियंता, शहरी जल प्रदाय योजना, नागौर।