एफएसएल टीम पहुंची जसवंतगढ़ थाने, तत्कालीन एसपी की गाड़ी का टीम कर रही है निरीक्षण
लाडनूं/नागौर. गैंगस्टर आनंदपाल एनकाउंटर मामला एक बार फिर चर्चा में है। वजह है सीबीआई की जांच। सीबीआई टीम पिछले दो-तीन दिन से चूरू के मालासर एवं नागौर के सांवराद, लाडनूं व जसवंतगढ़ में एनकाउंटर के दौरान हुए घटनाक्रमों की पड़ताल कर रही है। सोमवार व मंगलवार को मालासर में एनकाउंटर का सीन री-क्रिएट करने के बाद बुधवार सुबह सीबीआई टीम गैंगस्टर आनंदपाल के गांव सांवराद पहुंची, जहां एनकाउंटर के बाद शोकसभा (जनसभा) के दौरान हुए उपद्रव के दौरान की गई तोडफ़ोड़, रेलवे पटरियां उखाडऩे व पुलिस दल पर किए गए हमले आदि के बारे में जानकारी ली। हालांकि सीबीआरई टीम करीब छह महीने पहले भी सांवराद के रेलवे स्टेशन व गांव का दौरा कर चुकी है, लेकिन अब एक बार फिर टीम के अधिकारियों ने मौका देखा है। सांवराद में उपद्रव के दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ हुई मारपीट व एसपी की कार जलाने की भी जांच की जा रही है। सीबीआई टीम ने जसवंतगढ़ थाने में रखी एसपी की जली हुई कार का भी निरीक्षण किया तथा फोटो खींचकर वीडियो भी बनाए गए। सीबीआई टीम के साथ पुलिस की भी माकूल व्यवस्था है। जसवंतगढ़ थाने में रखी जली कार के एफएसएल टीम ने भी नमूने लिए हैं।
गौरतलब है कि करीब 13 महीने पहले चूरू के मालासर में पुलिस ने गैंगस्टर आनंदपालसिंह का एनकाउंटर किया था, जिसके बाद परिजनों एवं राजपूत समाज के लोगों ने काफी दिन तक सांवराद में धरना देकर एनकाउंटर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। लम्बे समय तक चले आंदोलन के बाद सरकार सीबीआई जांच के लिए तैयार हुई। हालांकि करीब छह महीने पहले सीबीआई की टीम मालासर व सांवराद में घटनास्थलों का मौका निरीक्षण कर चुकी थी, लेकिन गत सप्ताह राजपूत समाज के प्रतिनिधियों की सरकार के साथ हुई वार्ता के बाद एक बार फिर इस मामला चर्चा में आया है और सीबीआई टीम भी जांच में तेजी ला रही है।
गौरतलब है कि 25 जून 2017 की आधी रात को आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर किया गया था, जब अमावश की घोर काली रात थी। इसलिए इस एनकाउंटर को फेक बताते हुए रावणा राजपूत और राजपूत समाज ने कई दिनों तक आंदोलन किया था। उनकी मांग पर राजस्थान पुलिस, एसओजी की टीम और हरियाणा पुलिस ने सीबीआई के साथ मिलकर मंगलवार को डमी आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर किया।