
नागौर. शहर के किले की ढाल स्थित अहमद अली बाबा की दरगाह में सुबह एक नाबालिक को लोगों ने चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। नाबालिक ने दरगाह में गल्ले को सरिये से तोडऩा चाहा, लेकिन वो कामयाब नहीं हो सका और पकड़ा गया। खादीम मोहम्मद ईकबाल ने बताया कि सुबह साढ़े पांच बजे जब वह दरगाह के मुख्य दरवाजे का ताला खोलने के लिए आया तो देखा कि दरगाह में जोर-जोर से किसी चीज को तोडऩे की आवाज आ रही थी जब ताला खोलकर दरगाह में प्रवेश किया तो एक नाबालिक दरगाह की पीछे के खिडक़ी से भागता हुआ दिखाई दिया। नाबालिक नशे में लग रहा था, इसलिए ज्यादा दूर भाग नहीं पाया और पकड़ा गया। लोग उसकी धुनाई करते हुए वापस दरगाह में लाए, जहां पर उसने चोरी करने की नीयत से दरगाह में गल्ला तोडऩा स्वीकारा है। नाबालिक पकड़े जाने पर लोगों ने पुलिस की सूचना दी।
माल भेजने के नाम पर तीन लाख की धोखाधड़ी
नागौर. कोतवाली में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार शहर के नकास गेट निवासी इश्तियाक अहमद पुत्र मुख्यतायर अहमद ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि वह पेशे से एमआर है। उसकी मौसी के दामाद खांडा फलसा जोधपुर निवासी मोहम्मद तैयब पुत्र अब्दुल हमीद मक्का शरीफ की यात्रा कर वापस आने पर 20 अप्रेल 2017 को नागौर सूफी साहब की दरगाह की जियारत के लिए आए थे। बहनोई के साथ आए उसके दोस्त रितेश जरीवाला ने खुद को यश टेक्सटाइल का मालिक बताया। घर पर चर्चा के दौरान कपड़े का काम शुरू करने के लिए उसने सूरत से कपड़ा भिजवाने की बात कही। उसने कहा कि वे एक पहले 3 लाख रुपए अग्रिम राशि दें तो वह 10 लाख का माल भेज सकता है।
बैंक खाते में डलवाए 3 लाख रुपए
रिपोर्ट में बताया कि चर्चा के समय उसका भाई ईरशाद अहमद, चाचा दिलशाद तथा बहनोई मोहम्मद तैयब भी मौजूद थे। मोहम्मद तैयब ने रितेश को खुद का अच्छा दोस्त बताते हुए उसकी सलाह मानने की बात कही। उसके कहने पर आईसीआईसीआई बैंक से 2 लाख 73 हजार रुपए का ऋण लिया और कुछ राशि घर से मिलाकर करीब 3 लाख रुपए उसके भाई के बैंक खाते में जमा करवा दिए। इसके बावजूद उसने माल नहीं भिजवाया। रिपोर्ट में बताया कि वह अपने भाई को साथ लेकर बहनोई तैयब के पास गया तो तैयब ने कहा कि उसे इस मामले से कोई लेना देना नहीं है।