राज्य सरकार की सद्बुद्धि के लिए जिला मुख्यालय के जेएलएन अस्पताल में किया यज्ञ
नागौर. पिछले पांच दिन से सेवारत चिकित्सक अपनी 33 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई समाधान नहीं निकालने के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते बुधवार को यूथ कांग्रेस के पदाधिकारियों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए जेएलएन अस्पताल में यज्ञ किया।
नागौर के जिला मुख्यालय स्थित जेएलएन राजकीय अस्पताल में युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों ने सरकार की सदबुद्दि के लिए यज्ञ किया और राज्य सरकार को सदबुद्दि मिले, इसके लिए मंत्रों का जाप किया। युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव हनुमान बांगड़ा ने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाएं गड़बड़ा चुकी हैं। डॉक्टरों व सरकार के बीच हुई वार्ता पर सरकार खरी नहीं उतरी, इस कारण डॉक्टर वापस हड़ताल पर चले गए और जनता को इसका खमियाजा भुगतना पड़ रहा है। कांग्रेस सदबुद्दि यज्ञ कर रही है ताकि सरकार को सदबुद्धि मिले और डॉक्टरो के साथ वार्ता कर चिकित्सा व्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके।
राज्य सेवारत चिकित्सक संघ व सरकार के बीच पांच दिन बाद भी नहीं बनी बात
चिकित्सकों का आंदोलन अब राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ एवं राज्य सरकार के बीच अब अहम की लड़ाई बनता जा रहा है। हड़ताल के पांचवें दिन भी सरकारी अस्पतालों में मरीज परेशान होते रहे। वार्डों में जो इक्का-दुक्का मरीज भर्ती थे, वे भी बुधवार को छुट्टी लेकर रवाना हो गए। इधर, रेस्मा में गिरफ्तारी के डर से चिकित्सक भूमिगत हो गए हैं। नागौर जिले में पिछले तीन दिन में एक भी चिकित्सक की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
डॉक्टरों की हड़ताल के चलते पत्रिका टीवी की टीम सुबह अस्पताल पहुंची तो मरीजों एवं उनके परिजनों की उपचार के लिए दर-दर की ठोकरें खाते हुए देखा। बच्चे को कंधे पर बैठाए रायधनु से आए किसनाराम ने बताया कि पर्ची काउण्टर पर पर्ची देना ही बंद कर दिया है। कर्मचारी बोले - डॉक्टर तो है नहीं, पर्ची से क्या करोगे।
सिंघाणी से आए बुजुर्ग भाणूराम बणजारा व बच्चे के पिता मांगीलाल ने बताया कि उनका बच्चा पिछले दस दिन से जेएलएन अस्पताल की एमसीएच यूनिट में भर्ती है, आज नर्सिंग स्टाफ ने कह दिया कि डॉक्टर है नहीं इसलिए बच्चे को जोधपुर ले जाओ। अब जोधपुर में भी डॉक्टरों के हड़ताल पर होने की जानकारी मिली है, गरीब आदमी हैं, अब बच्चे को कहां लेकर जाएं, कुछ समझ नहीं आ रहा।
नागौर शहर से जेएलएन अस्पताल पहुंचे राजेन्द्र ने बताया कि उसके बच्चे की हालत काफी खराब है, लेकिन पिछले तीन दिन से डॉक्टर हड़ताल पर होने के कारण उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।