
नागौर। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से प्रदेश को अच्छी बरसात की उम्मीद बंध चुकी है। हालांकि मानसूनी मेघ कुछ ही जिलों पर मेहरबान हैं। इस बीच मौसम विभाग ने तीन घंटों के लिए नागौर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, सवाईमाधोपुर, टोंक, बूंदी, बारां और कोटा में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश (IMD Rain Alert) की संभावना जताई है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण बरसात का दौर शुरू हुआ है। अगले 2-3 दिन कुछ इलाकों को छोड़कर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बहुत कम बारिश होगी। मौसम केंद्र, जयपुर ने 21 व 22 अगस्त के लिए पूर्वी व दक्षिणी राजस्थान के कुछ जिलों में बरसात का यलो अलर्ट जारी किया है। उमस का दौर भी जारी रहेगा।
इस बीच झालावाड़ के साथ ही जिले के झालरापाटन, कोटा जिले के रामगंजमंडी व बारां जिले के छबड़ा में 4 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। कोटा शहर में केवल बूंदाबांदी हुई। झालावाड़ में 102, झालरापाटन में 102, असनावर में 75, भीमसागर बांध में 114, मनोहरथाना में 60 मिमी बारिश दर्ज की गई। छबड़ा क्षेत्र में 112 मिमी बरसात हुई। बूंदी, चित्तौड़गढ़ व बांसवाड़ा में भी अच्छी बरसात हुई। बांसवाड़ा के भूंगड़ा में शाम 5 बजे तक 30 मिमी व घाटोल में 19 मिमी बरसात दर्ज की गई। अजमेर में भी 12.5 मिमी बरसात हुई।
वहीं जोधपुर शहर में रविवार को 22 दिन बाद मानसून की मुस्कुराहट लौटी। शाम को मंडोर से शुरू हुआ बरसात का सिलसिला शहर तक पहुंचा। करीब बीस मिनट तक तेज बारिश और उसके बाद हल्की बरसात से सड़कों पर एकबारगी बाळा आ गया। महामंदिर और मंडोर के कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हुई। रात 8.30 बजे तक 11.9 मिलीमीटर पानी बरस गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो तीन दिन मानसून की सक्रियता बनी हुई है।