
लाडनूं. लेडी ग्राम के कायमखानी समाज के असलम खा क्यामखानी ने अपनी दो लडृकियों की शादी बिना दहेज ओर सभी फिजूल खर्ची को रोकते हुए करके समाज में एक मिसाल कायम की है. असलम खा ने अपनी बड़ी पुत्री की शादी मगलूणा के समदर खां के पुत्र इरफान खा से की वही दूसरी लडक़ी की शादी लाडनूं के मालू खा के लडक़े हबीब खां से की। हबीब खां लाडनूं व इरफान खा मगलूणा दोनों ने ही सामजिक कुरीति दहेज के बहिष्कार कर समाज को एक सकारात्मक सन्देश दिया। अयूब खां ने बताया शादी के विभिन्न रस्मों में शुरुआत से लेकर अंत तक रस्मो के नाम पर फिजूलखर्ची से दूरी रखी गई। जब से मंगनी हुई तब से ही दहेज ना लेकर सभी फिजूल रस्मों से हट कर शादी करने को कहा गया था और वैसा ही किया गया। इस अवसर पर समदर खां,असलम खां,मालू खा,रणजीत खां,अयूब खां,आसिफ खां,एजाज खांआदि मौजूद थे मौलाना ने निकाह के बाद अमन चैन की दुआ करवाई
अब तक लाडनूं में 100 से अधिक शादी बिना दहेज के
मुस्लिम महासभा अध्यक्ष इरफान क्यामखानी ने बताया कि एक वर्ष पहले कायमखानी समाज लाडनूं तहसील में यूथ बिग्रेड ने पूर्व में बदलाव द चेंज कार्यक्रम के माध्यम से ऐसी पहल की थी जिसके बाद आज तक लगभग 100 से अधिक शादी बिना लेनदेन बिना फिजूल खर्ची सम्पन्न हुई। समाज में डीजे पर भी पूर्ण पाबन्दी है। वही हाल ही में दहेज के नाम पर मकराना में हुई किस्मत कंवर की हत्या को भी समाज के लिये शर्मनाक बताते हुए निंदनीय बताया।