Jhiram Ghati Naxal Attack: झीरम घाटी हत्याकांड के मामले में हाईकोर्ट में गवाही के दौरान डॉ. शिव नारायण द्विवेदी ने मंत्री कवासी लखमा की भूमिका को इस घटना में संदिग्ध बताया था। उन्होंने ने कहा था कि कवासी लखमा ही एक मात्र ऐसे नेता थे, जिन्हें नक्सली पहचानते थे।
जगदलपुर. Jhiram Ghati Naxal Attack: चित्रकोट उपचुनाव के प्रचार-प्रसार का शुरू हो गया है। साथ ही एक दूसरे एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। इसी बीच चुनाव प्रचार के लिए बस्तर पहुंचे प्रदेश के आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने बड़ा बयान दिया है।
विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि "तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, गृह मंत्री, डीजीपी और सरकार के गुप्तचर मुकेश गुप्ता का नार्कोटेस्ट करवाओ साथ ही मेरा भी नार्कोटेस्ट करवाओ। झीरम मामले के जिन्न बाहर आ जाएगा और कौन-कौन इस षड्यंत्र में शामिल था दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।"
लखमा की भूमिका संदिग्ध
झीरम घाटी हत्याकांड के मामले में हाईकोर्ट में गवाही के दौरान डॉ. शिव नारायण द्विवेदी ने मंत्री कवासी लखमा की भूमिका को इस घटना में संदिग्ध बताया था। उन्होंने ने कहा था कि कवासी लखमा ही एक मात्र ऐसे नेता थे, जिन्हें नक्सली पहचानते थे। उसके बावजूद उन्हें क्यों जिन्दा छोड़ दिया। जबकि अन्य नेताओं को नक्सलियों ने मौत के घाट उतार दिया।
आपको बतादें कि कि 2013 में हुए चर्चित झीरम घाटी हत्याकांड में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी,जिसमें कांग्रेस के पूर्व पीसीसी अध्यक्ष नन्द कुमार पटेल सहित कांग्रेस बड़े नेता महेंद्र कर्मा सहित कई नेताओं और पुलिस के अधिकारियों की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद कांग्रेस ने इसे राजनैतिक हत्या करार दिया था।