नारायणपुर

नारायणपुर पंचायत में सियासी घमासान! पिंकी उसेंडी पर अविश्वास प्रस्ताव का फैसला आज

Narayanpur Janpad Panchayat: Narayanpur में जनपद पंचायत अध्यक्ष Pinky Usendi के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज वोटिंग होगी। बैठक में सदस्यों के मतदान से उनके भविष्य का फैसला होगा।

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जनपद पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग (photo source- Patrika)

Narayanpur Janpad Panchayat: नारायणपुर की पंचायत राजनीति आज एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। जनपद पंचायत नारायणपुर की अध्यक्ष पिंकी उसेंडी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर आज फैसला होना है। इसके लिए जनपद पंचायत के सभा कक्ष में विशेष बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें निर्वाचित सदस्य मतदान कर अध्यक्ष के भविष्य का निर्धारण करेंगे।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के करीब एक वर्ष बाद इस तरह की स्थिति सामने आना जिले की राजनीति में बढ़ती हलचल का संकेत दे रहा है। जनपद सदस्यों द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन के बाद अब मामला निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। राजनीतिक हलकों में इस बैठक को लेकर जबरदस्त चर्चा है और सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि अविश्वास प्रस्ताव पारित होगा या अध्यक्ष अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहेंगी।

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Narayanpur Janpad Panchayat: ‘निर्वाचन या ठेकेदारी’—उठ रहे सवाल

पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका विकास कार्यों की निगरानी और जनहित के मुद्दों को आगे बढ़ाने की होती है, लेकिन हाल के वर्षों में कई जगहों पर जनप्रतिनिधियों पर ठेकेदारी करने के आरोप लगे हैं। नारायणपुर में भी इस तरह की चर्चाएं तेज हो रही हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन असंतुष्ट सदस्य इसे बड़ा मुद्दा बना रहे हैं।

सदस्यों की नाराजगी बनी मुख्य वजह

जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत के कई सदस्य अध्यक्ष की कार्यशैली से असंतुष्ट हैं। उनका आरोप है कि महत्वपूर्ण निर्णयों में सामूहिक राय को नजरअंदाज किया गया और कई फैसले एकतरफा लिए गए। सदस्यों का कहना है कि पंचायत व्यवस्था का आधार सामूहिक निर्णय और सहभागिता है, लेकिन संवाद की कमी के कारण असंतोष बढ़ा है। सूत्रों के मुताबिक विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने में पारदर्शिता की कमी और मनमाने निर्णय लेने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अध्यक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

जिला पंचायत तक पहुंच सकती है हलचल

सूत्रों के अनुसार जनपद पंचायत से शुरू हुआ यह असंतोष आने वाले समय में जिला पंचायत तक भी पहुंच सकता है। चर्चा है कि जिला पंचायत नारायणपुर के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर भी कुछ सदस्य असंतुष्ट हैं। यदि यह असंतोष खुलकर सामने आता है, तो जिले की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

वन मंत्री के क्षेत्र में बढ़ी सियासी हलचल

नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप का निर्वाचन क्षेत्र है। ऐसे में उनके ही क्षेत्र में इस तरह का राजनीतिक विवाद सामने आना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल पंचायत स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर प्रदेश स्तर की राजनीति तक भी पहुंच सकता है। यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या शीर्ष नेतृत्व को इस असंतोष की पहले से जानकारी थी या यह अचानक सामने आया है।

आज होगा असली शक्ति परीक्षण

आज की बैठक यह तय करेगी कि वर्तमान नेतृत्व बरकरार रहेगा या नया नेतृत्व सामने आएगा।
प्रस्ताव पारित होने पर बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत मिलेंगे।
प्रस्ताव विफल होने पर अध्यक्ष की स्थिति मजबूत मानी जाएगी।

Narayanpur Janpad Panchayat: अविश्वास प्रस्ताव की कानूनी प्रक्रिया

पंचायत राज व्यवस्था के तहत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है।
निर्धारित संख्या में सदस्यों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं।
कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया जाता है।
सत्यापन के बाद विशेष बैठक बुलाई जाती है।
बैठक में चर्चा और मतदान के बाद निर्णय लिया जाता है।
बहुमत मिलने पर अध्यक्ष पद रिक्त हो जाता है।

अहम है आज की बैठक

जनपद अध्यक्ष के भविष्य का फैसला
सत्ता पक्ष के अंदरूनी समीकरण उजागर होने की संभावना
जिला पंचायत तक असर पहुंचने के संकेत
प्रदेश स्तर की राजनीति पर संभावित प्रभाव
संभावित राजनीतिक असर
वन मंत्री के क्षेत्र में बढ़ती राजनीतिक सक्रियता
संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल पर सवाल
पंचायत से लेकर जिला स्तर तक असर

कलेक्टर का आधिकारिक बयान

जनपद पंचायत नारायणपुर के अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव की सूचना प्राप्त होने पर सीईओ जनपद पंचायत से आवश्यक प्रतिवेदन प्राप्त किया गया। प्रस्ताव की सूचना संतोषजनक पाए जाने पर पंचायत राज अधिनियम की धारा 28 के तहत 18 मार्च को बैठक की तिथि निर्धारित की गई है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नारायणपुर को बैठक की कार्यवाही हेतु पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है— नम्रता जैन, नारायणपुर कलेक्टर

Published on:
18 Mar 2026 08:48 am
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